सिद्ध पीठ बामेश्वर में अखंड रामायण पाठ का विशाल भंडारे के साथ समापन

पोखरी, 19 मई (राणा)। क्षेत्र के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बामेश्वर शिवालय मंदिर में आयोजित 24 घंटे के अखंड रामायण पाठ का मंगलवार को विशाल भंडारे के साथ भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया। समापन अवसर पर क्षेत्र के दूर-दराज गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे और पूजा-अर्चना कर प्रसाद ग्रहण किया।
साकरी निवासी महिपाल सिंह भण्डारी एवं उनकी पत्नी रमा देवी भण्डारी ने अपने स्वर्गीय माता-पिता तथा स्वर्गीय ससुर नरेंद्र सिंह भण्डारी और शिवदेई की स्मृति में मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया था। मंदिर स्थापना की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर 18 मई से अखंड रामायण पाठ का आयोजन शुरू किया गया था, जिसका समापन मंगलवार को विशाल भंडारे के साथ संपन्न हुआ।
वर्ष 2024 में महिपाल सिंह भण्डारी द्वारा मंदिर परिसर में लाखों रुपये की लागत से अलग मंदिर का निर्माण कराया गया था, जिसमें राधा-कृष्ण, शिव-पार्वती तथा राम-लक्ष्मण-सीता की संगमरमर की प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। इस वर्ष मंदिर में हनुमान जी की विशाल संगमरमर की प्रतिमा भी स्थापित की गई, जिसकी विधि-विधान से पंडित कमलेश थपलियाल के सान्निध्य में प्राण प्रतिष्ठा कराई गई।
समापन अवसर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भक्तों ने अखंड रामायण पाठ में भाग लेकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद श्रद्धालुओं ने विशाल भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजक महिपाल सिंह भण्डारी, जो वर्तमान में नोएडा और दिल्ली में व्यवसाय करते हैं, ने कहा कि सिद्ध पीठ बामेश्वर शिवालय का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व है। उन्होंने बताया कि सावन माह में त्रिशूला घाटी के सेम, साकरी, त्रिशूला, भदूणा, सगूण, चमसील सहित पोखरी क्षेत्र के अनेक गांवों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर भगवान शिव को बेलपत्र और जल अर्पित करते हैं।
उन्होंने कहा कि धार्मिक महत्व के साथ-साथ यह स्थल पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यंत रमणीक है। मंदिर के नीचे बहने वाली निगोमती नदी की कल-कल ध्वनि तथा चारों ओर फैले चीड़, बांज और बुरांश के जंगल यहां की प्राकृतिक सुंदरता को और आकर्षक बनाते हैं। उन्होंने लोगों से इस धार्मिक एवं पर्यटन स्थल की प्राकृतिक और आध्यात्मिक छटा का अवलोकन करने की अपील की।
इस अवसर पर महिला मंगल दल अध्यक्ष संतोषी भण्डारी, पार्वती देवी, कलावती देवी, आशा देवी, ऊषा देवी, कमला देवी, पृथ्वी भण्डारी, बृजमोहन चमोला, सयन सिंह रावत, पंडित कमलेश थपलियाल, सतपाल सिंह भण्डारी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
