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पश्चिम एशिया संकट के बीच सरकार अलर्ट: ईंधन आपूर्ति, समुद्री सुरक्षा और भारतीयों की मदद के लिए व्यापक इंतजाम

  • देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है

  • घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है; कल 54 लाख से अधिक एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए

  • वाणिज्यिक एलपीजी का आबंटन संकट-पूर्व स्तर के 70% तक बढ़ गया है
  • अब तक 938 से अधिक भारतीय नाविक सुरक्षित रूप से स्वदेश लौट चुके हैं, जिनमें पिछले 24 घंटों में 25 शामिल हैं

  • भारत भर में पत्तन संचालन सामान्य बना हुआ है और कोई भीड़भाड़ नहीं है
  • बचाव और उड़ान संचालन जारी रहने से लगभग 5 लाख यात्री भारत लौटे

नयी दिल्ली,28 मार्च (PIB)पश्चिम एशिया में जारी तनावपूर्ण घटनाक्रमों के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री संचालन और क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर व्यापक तैयारी तेज कर दी है। सरकार का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति के बावजूद देश में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बहु-स्तरीय कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही समुद्री व्यापार, भारतीय नाविकों की सुरक्षा और खाड़ी देशों में फंसे या लौटने के इच्छुक भारतीय नागरिकों को सहायता देने के लिए भी केंद्र सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।

रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर, पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त भंडार

सरकार के अनुसार देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। पेट्रोल और डीजल का स्टॉक भी पर्याप्त बताया गया है। घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए रिफाइनरियों से एलपीजी का उत्पादन बढ़ाया गया है। देशभर के पेट्रोल पंप और खुदरा ईंधन आउटलेट सामान्य रूप से संचालित हो रहे हैं। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है, जबकि घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीजल पर 21.5 रुपये प्रति लीटर और विमानन टरबाइन ईंधन (एटीएफ) पर 29.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लगाया गया है।
हालांकि कुछ राज्यों से अफवाहों के चलते घबराहट में खरीदारी की खबरें आई हैं, जिसके कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर असामान्य भीड़ और अधिक बिक्री देखी गई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है।

सीएनजी-पीएनजी उपभोक्ताओं को प्राथमिकता, गैस नेटवर्क विस्तार पर जोर

प्राकृतिक गैस आपूर्ति के मोर्चे पर सरकार ने घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (डी-पीएनजी) और परिवहन क्षेत्र के लिए सीएनजी की 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित करने को प्राथमिकता दी है। ग्रिड से जुड़े औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को उनकी औसत खपत के 80 प्रतिशत के बराबर गैस आपूर्ति दी जा रही है। केंद्र ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे रेस्तरां, होटल, कैंटीन जैसे वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए पीएनजी कनेक्शन को प्राथमिकता दें, ताकि वाणिज्यिक एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके।
आईजीएल, एमजीएल, गेल गैस और बीपीसीएल जैसी कंपनियों ने घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को नए पीएनजी कनेक्शन लेने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू की हैं। केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से सीजीडी नेटवर्क विस्तार के लिए आवश्यक अनुमतियों को तेजी से मंजूरी देने का अनुरोध किया है। कई राज्यों ने आरओयू/आरओडब्ल्यू अनुमतियों को तेज करने, कार्य घंटे बढ़ाने और शुल्क युक्तिसंगत बनाने जैसी नीतियां लागू की हैं।
पीएनजीआरबी ने 23 मार्च 2026 के आदेश के तहत सीजीडी कंपनियों को निर्देश दिया है कि जहां पाइपलाइन अवसंरचना उपलब्ध हो, वहां आवासीय स्कूलों, कॉलेजों, छात्रावासों, सामुदायिक रसोई और आंगनवाड़ी रसोई को पांच दिनों के भीतर पीएनजी से जोड़ने का हरसंभव प्रयास किया जाए। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने भी 24 मार्च 2026 से तीन माह के लिए सीजीडी अवसंरचना हेतु त्वरित अनुमोदन ढांचा लागू किया है। वहीं, 24 मार्च 2026 को केंद्र ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम उत्पाद वितरण से संबंधित नया आदेश अधिसूचित कर पाइपलाइन बिछाने और विस्तार की प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध और सरल बनाया है। रक्षा मंत्रालय ने भी 30 जून 2026 तक के लिए विशेष अस्थायी नीति संशोधन कर रक्षा क्षेत्रों और आवासीय परिसरों में पीएनजी ढांचे के विस्तार को गति देने का रास्ता साफ किया है। सरकार के अनुसार 110 लक्षित भौगोलिक क्षेत्रों में एक ही दिन में 11,463 पीएनजी कनेक्शन जोड़े गए हैं।

एलपीजी आपूर्ति प्रभावित, लेकिन घरेलू वितरण सामान्य

सरकार ने माना है कि मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के कारण एलपीजी आपूर्ति प्रभावित हुई है, लेकिन घरेलू एलपीजी वितरण सामान्य रूप से जारी है। एलपीजी वितरकों के स्तर पर आपूर्ति में किसी कमी की रिपोर्ट नहीं है। एक दिन में ऑनलाइन एलपीजी सिलेंडर बुकिंग में 91 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि डिलीवरी प्रमाणीकरण कोड (डीएसी) आधारित वितरण को फरवरी 2026 के 53 प्रतिशत से बढ़ाकर 84 प्रतिशत तक पहुंचाया गया है, ताकि हेराफेरी रोकी जा सके। कल 54 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए।

वाणिज्यिक एलपीजी का आवंटन बढ़ाया, होटल-ढाबों से उद्योगों तक राहत

वाणिज्यिक एलपीजी आपूर्ति में राहत देने के लिए सरकार ने चरणबद्ध तरीके से आवंटन बढ़ाया है। पहले 20 प्रतिशत आपूर्ति बहाल की गई थी। इसके बाद 21 मार्च 2026 को राज्यों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन स्वीकृत किया गया, जिससे कुल आवंटन 50 प्रतिशत तक पहुंच गया। इसमें पीएनजी विस्तार में सुधार के आधार पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रावधान भी शामिल है। इस अतिरिक्त आपूर्ति को रेस्तरां, ढाबों, होटल, औद्योगिक कैंटीन, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, डेयरी, रियायती कैंटीन, सामुदायिक रसोई और प्रवासी श्रमिकों के लिए 5 किलो एफटीएल सिलेंडरों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है।
27 मार्च 2026 को सरकार ने वाणिज्यिक एलपीजी के लिए 20 प्रतिशत और अतिरिक्त आवंटन का निर्णय लिया, जिससे कुल वाणिज्यिक आवंटन संकट-पूर्व स्तर के 70 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। इस अतिरिक्त हिस्से को इस्पात, ऑटोमोबाइल, वस्त्र, रंगाई, रसायन और प्लास्टिक जैसे उद्योगों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, खासकर उन इकाइयों को जिन्हें विशेष तापीय उपयोग के लिए एलपीजी की जरूरत है और जिनके लिए प्राकृतिक गैस विकल्प नहीं है। सरकार ने बताया कि 5 किलो के 46 हजार से अधिक एफटीएल सिलेंडर एक दिन में बेचे गए हैं। 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने गैर-घरेलू एलपीजी आवंटन के आदेश जारी कर दिए हैं।

केरोसिन और कोयला जैसे विकल्पों पर भी जोर

एलपीजी की मांग कम करने के लिए सरकार ने वैकल्पिक ईंधनों के रूप में केरोसिन और कोयले की उपलब्धता बढ़ाई है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नियमित आवंटन के अतिरिक्त 48 हजार किलोलीटर केरोसिन दिया गया है। राज्यों से जिलावार वितरण केंद्र चिन्हित करने को कहा गया है। 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एसकेओ आवंटन आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख ने सूचित किया है कि उन्हें इसकी आवश्यकता नहीं है।
कोयला मंत्रालय ने कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को निर्देश दिया है कि वे छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं के लिए राज्यों को अधिक मात्रा में कोयला उपलब्ध कराएं, ताकि एलपीजी पर दबाव कम हो।

राज्यों को जमाखोरी-कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और एलपीजी नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत राज्यों की भूमिका बेहद अहम है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे पेट्रोल, डीजल और एलपीजी जैसी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की निगरानी करें, जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई करें, और जिला स्तर पर दैनिक प्रेस ब्रीफिंग तथा हेल्पलाइन व्यवस्था सुनिश्चित करें। साथ ही सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों की निगरानी, छापेमारी, वाणिज्यिक एलपीजी और अतिरिक्त केरोसिन आवंटन आदेश जारी करने तथा पीएनजी विस्तार को गति देने के लिए नोडल अधिकारी नामित करने को कहा गया है।
27 मार्च 2026 को केंद्र ने सभी मुख्य सचिवों से फिर आग्रह किया कि वे सही सूचना के प्रसार और अफवाहों पर रोक के लिए दैनिक प्रेस विज्ञप्तियां और सोशल मीडिया अपडेट जारी करें। फिलहाल 14 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश नियमित प्रेस विज्ञप्तियां जारी कर रहे हैं।

2900 से अधिक छापेमारी, 1700 सिलेंडर जब्त

प्रवर्तन कार्रवाई के तहत कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एलपीजी जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए छापेमारी जारी है। अब तक करीब 2900 छापे मारे जा चुके हैं और एक दिन में 1700 से अधिक सिलेंडर जब्त किए गए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों ने देशभर में 1600 से अधिक पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरक केंद्रों का औचक निरीक्षण किया है। तेल कंपनियों ने अब तक 390 से अधिक एलपीजी वितरकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।

सरकार की अपील: घबराहट में खरीदारी और अनावश्यक बुकिंग से बचें

सरकार ने कहा है कि घरेलू एलपीजी और पीएनजी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी उच्च प्राथमिकता पर रखा गया है। आपूर्ति और मांग दोनों पक्षों पर कई युक्तिसंगत कदम उठाए गए हैं, जिनमें रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाना, शहरी क्षेत्रों में एलपीजी बुकिंग अंतराल 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक करना शामिल है।
जनता से अपील की गई है कि वे पेट्रोल-डीजल की घबराहट में खरीदारी न करें, एलपीजी की अनावश्यक बुकिंग से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों से ही जानकारी लें। एलपीजी उपभोक्ताओं से डिजिटल माध्यम से बुकिंग करने, वितरकों के यहां भीड़ न लगाने और जहां संभव हो पीएनजी, इंडक्शन या इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे विकल्प अपनाने की अपील की गई है। ऊर्जा संरक्षण को भी मौजूदा स्थिति में राष्ट्रीय आवश्यकता बताया गया है।

समुद्री मोर्चे पर अलर्ट, 20 भारतीय जहाजों और 540 नाविकों की निगरानी

समुद्री सुरक्षा के मोर्चे पर पोत, पत्तन परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने कहा है कि क्षेत्र में कार्यरत भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। मंत्रालय के अनुसार पश्चिमी फारस की खाड़ी क्षेत्र में भारतीय ध्वज वाले 20 जहाज मौजूद हैं, जिन पर 540 भारतीय नाविक सवार हैं। जहाज मालिकों, आरपीएसएल एजेंसियों और भारतीय मिशनों के समन्वय से इनकी सक्रिय निगरानी की जा रही है।
सरकार ने बताया कि क्षेत्र में मौजूद सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और पिछले 24 घंटों में भारतीय ध्वज वाले किसी पोत से जुड़ी कोई घटना दर्ज नहीं हुई है। डीजी शिपिंग का 24×7 कंट्रोल रूम लगातार सक्रिय है, जिसे शुरू होने के बाद से अब तक 4,431 कॉल और 8,865 ईमेल प्राप्त हुए हैं। पिछले 24 घंटों में 105 कॉल और 309 ईमेल आए हैं। डीजी शिपिंग अब तक 938 से अधिक भारतीय नाविकों की सुरक्षित स्वदेश वापसी में मदद कर चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटों में 25 नाविक शामिल हैं।
देशभर में बंदरगाह और पोत संचालन सामान्य रूप से जारी हैं। किसी भी प्रमुख बंदरगाह पर भीड़भाड़ की सूचना नहीं है और अतिरिक्त कार्गो स्थान भी आवंटित किया गया है। गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, केरल, आंध्र प्रदेश और पुदुचेरी के समुद्री बोर्डों ने भी सुचारू संचालन की पुष्टि की है।

खाड़ी और पश्चिम एशिया में भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

विदेश मंत्रालय ने कहा है कि खाड़ी और पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखी जा रही है और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूरे क्षेत्र में भारतीय मिशन और दूतावास 24×7 सक्रिय हैं। हेल्पलाइन संचालित हैं, नियमित एडवाइजरी जारी की जा रही है और स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय बना हुआ है। नाविकों, छात्रों, फंसे हुए नागरिकों और अल्पकालिक आगंतुकों को वीजा, काउंसलर सेवाएं और यात्रा संबंधी सहायता दी जा रही है।
28 फरवरी से अब तक लगभग 4.97 लाख यात्री इस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं। संयुक्त अरब अमीरात से आज भारत के लिए करीब 85 गैर-निर्धारित उड़ानों के संचालन की संभावना जताई गई है। सऊदी अरब और ओमान से उड़ानें सामान्य रूप से जारी हैं। कतर में हवाई क्षेत्र आंशिक रूप से खुलने के बाद 8 से 10 गैर-निर्धारित उड़ानों की उम्मीद है। कुवैत और बहरीन में हवाई क्षेत्र बंद रहने के कारण कुवैत की जज़ीरा एयरवेज और बहरीन की गल्फ एयर सऊदी अरब के दम्मम हवाई अड्डे से भारत के लिए विशेष उड़ानें संचालित कर रही हैं। ईरान से भारतीयों की आवाजाही आर्मेनिया और अज़रबैजान के रास्ते सुगम बनाई जा रही है, जबकि इज़राइल और इराक से क्रमशः जॉर्डन तथा जॉर्डन/सऊदी अरब मार्ग से निकासी और यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

अबू धाबी में मलबा गिरने से पांच भारतीय घायल, सभी खतरे से बाहर

सरकार ने बताया कि अबू धाबी में अवरोधन के दौरान मलबा गिरने से पांच भारतीय नागरिक घायल हुए हैं। भारतीय मिशन उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है और चिकित्सा देखभाल में समन्वय किया जा रहा है। सभी घायलों को खतरे से बाहर बताया गया है।

सरकार ने भरोसा दिलाया, अफवाहों से बचने की अपील

केंद्र सरकार ने दोहराया है कि पश्चिम एशिया के मौजूदा संकट के बावजूद देश में ईंधन आपूर्ति, समुद्री व्यापार और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए व्यापक और समन्वित कदम उठाए गए हैं। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें, घबराहट में खरीदारी से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

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