देहरादून में गैंगवार की चपेट में आए रिटायर्ड ब्रिगेडियर, मॉर्निंग वॉक के दौरान गोली लगने से मौत

देहरादून, 31 मार्च। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह हुई गैंगवार की घटना ने शहर की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दो गुटों के बीच हुई अंधाधुंध फायरिंग की चपेट में आकर एक रिटायर्ड ब्रिगेडियर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 75 वर्षीय मुकुंद कुमार जोशी के रूप में हुई है, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त अधिकारी थे।

पुलिस के अनुसार घटना सुबह करीब 6:40 बजे जाखन-जोहड़ी क्षेत्र में मसूरी रोड के पास हुई, जब ब्रिगेडियर (सेनि.) जोशी रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। इसी दौरान दो कारों में सवार युवकों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर अचानक फायरिंग शुरू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर कई राउंड गोलियां चलाईं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
इसी दौरान एक गोली ब्रिगेडियर जोशी के सीने में जा लगी। गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़े। उनके साथ मौजूद लोगों ने पहले इसे हार्ट अटैक समझा, लेकिन जब खून बहता देखा गया तो उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
सैन्य पृष्ठभूमि और सामाजिक पहचान
मुकुंद कुमार जोशी मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के निवासी थे और देहरादून की तुलाज ग्रीन सोसायटी में रहते थे। वे सेना में ब्रिगेडियर पद से सेवानिवृत्त होने के बाद सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय थे और सोसायटी के अध्यक्ष भी रह चुके थे। उनकी मौत से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश और शोक है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें दिल्ली निवासी रोहित कुमार और संदीप कुमार, बिहार निवासी मोहम्मद अबलाक उर्फ साहिल, तथा देहरादून के रायपुर निवासी आदित्य चौधरी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि मामले में एक पक्ष के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि दूसरे गुट के कुछ आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
‘जेन-जी क्लब’ कनेक्शन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विवाद शहर के एक चर्चित क्लब “जेन-जी क्लब” से जुड़ा हो सकता है। बताया जा रहा है कि दोनों गुट क्लब में पार्टी के दौरान हुए विवाद के बाद बाहर निकले थे और उसी रंजिश में फायरिंग की घटना को अंजाम दिया गया। पुलिस ने क्लब को फिलहाल सील कर दिया है और वहां के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।
कानून-व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने देहरादून जैसे शांत माने जाने वाले शहर में बढ़ते अपराध और गैंग कल्चर को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खुलेआम सड़कों पर इस तरह की फायरिंग और उसमें एक निर्दोष व्यक्ति की मौत ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजधानी में नाइट क्लबों और पार्टियों के बढ़ते कल्चर के साथ-साथ आपराधिक गतिविधियां भी बढ़ रही हैं, जिन पर सख्ती से नियंत्रण की जरूरत है।
आगे की जांच
पुलिस इस मामले में आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर चुकी है। साथ ही सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
