धर्म/संस्कृति/ चारधाम यात्रा

राम राज्याभिषेक के साथ जोशीमठ का रामलीला महायज्ञ संपन्न, श्रद्धालुओं में भावुकता का माहौल

 

ज्योतिर्मठ, 31 मार्च (कपरुवाण)।‌नृसिंह नव दुर्गा सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय रामलीला महायज्ञ का सोमवार को भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक के साथ भव्य समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्र में धार्मिक उत्साह और आस्था का विशेष माहौल बना रहा।
समापन दिवस पर राज्याभिषेक से पूर्व भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की आकर्षक झांकी निकाली गई। कीर्तन और भजन गाते हुए श्रद्धालु इन झांकियों के साथ रामलीला मंच तक पहुंचे। मंच पर पहुंचने के बाद राम-भरत मिलन का भावपूर्ण दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके उपरांत गुरु वशिष्ठ द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान श्रीराम का तिलक कर विधिवत राज्याभिषेक संपन्न कराया गया।
कार्यक्रम के दौरान जब भगवान राम ने राज्य की स्थिति जानने की इच्छा जताई, तो मंत्री सुमंत ने प्रजा का हाल गीत के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।
राजतिलक की सभी परंपराएं पूरी होने के बाद भगवान राम द्वारा हनुमान को विदाई स्वरूप माला अर्पित की गई। इस अवसर पर हनुमान का मार्मिक गीत प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
दस दिवसीय इस धार्मिक आयोजन में जोशीमठ क्षेत्र सहित दूर-दराज से आए भक्तों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और “राम भेंट” के रूप में आर्थिक सहयोग भी प्रदान किया। एक अनाम रामभक्त द्वारा 75 हजार रुपये का दान विशेष चर्चा का विषय रहा। इसके अलावा तपोवन-विष्णुगाड़ जल विद्युत परियोजना (एनटीपीसी) द्वारा 51 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की गई।
अन्य सहयोगकर्ताओं में देवपूजाई समिति जोशीमठ, श्री हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट, रामलीला कमेटी पांडुकेश्वर, मेरग, बड़ागांव, ढाक तथा पंचवटी होटल सहित कई संस्थाओं का उल्लेखनीय योगदान रहा। इसके साथ ही बीकेटीसी, नगर पालिका परिषद, विभिन्न राजनीतिक दलों, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर कलाकारों और आयोजकों का उत्साहवर्धन किया।
समिति के अध्यक्ष भुवन चंद्र उनियाल ने स्थानीय प्रशासन, पुलिस, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति, नगर पालिका, गुरुद्वारा जोशीमठ और एनटीपीसी सहित सभी सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जोशीमठ में रामलीला मंचन की पौराणिक परंपरा रही है। वर्ष 1972 से यह आयोजन एक ही स्थान पर निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो हर वर्ष भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलने से पूर्व सुखद यात्रा की कामना के साथ संपन्न होता है।
उन्होंने रामलीला से जुड़े सभी कलाकारों, संगीतकारों, निर्देशकों तथा व्यवस्थाओं में जुटे कार्यकर्ताओं के योगदान की सराहना करते हुए विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

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