उपखंड शिक्षा अधिकारी डोईवाला एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार
विजिलेंस टीम ने नेपाली फार्म के पास से किया गिरफ्तार
देहरादून, 1 अप्रैल (जाहिद)। जिले के डोईवाला विकासखंड में तैनात उप शिक्षा अधिकारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया है। विजिलेंस की टीम ने आरोपी अधिकारी को नेपाली फार्म के पास घूस लेते दबोचा है। जिसके बाद उसे रायवाला कोतवाली ले जाया गया है।
बताया जा रहा है कि डोईवाला प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हाल में तैनात उप शिक्षा अधिकारी धनवीर सिंह बिष्ट ने ऋषिकेश क्षेत्र के एक स्कूल के आरटीई के तहत अध्ययनरत छात्रों के बिल के भुगतान के एवज में एक लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। जिस पर शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को रिश्वत मांगे जाने की सूचना दी थी। सूचना पर विजिलेंस की टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए जाल बुना। पीडित पुष्पांजलि पत्नी पंकज शर्मा, निवासी लेन नम्बर 5 डालनवाला देहरादून, हाल स्वामी उत्तरांचल मार्डन स्कूल गुमानीवाला ऋषिकेश, जनपद देहरादून को शिकायतकर्ता से उनके गंगा वैली जूनियर हाईस्कूल ऋषिकेश में शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत अध्ययनरत छात्रों की प्रतिपूर्ति के बिल के भुगतान के एवज में 1,00,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
ट्रैप के अनुसार अधिकारी नेपाली फार्म में अपनी निजी गाड़ी से रिश्वत लेने पहुंचा। तभी विजिलेंस की टीम ने नोट लेते गिरफ्तार कर लिया। जिसके बाद आरोपी को रायवाला कोतवाली ले जाकर की गहन पूछताछ की जा रही है। विजिलेंस के अधिकारियों की मानें तो जल्द ही मामले में जांच के साथ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, उपखंड शिक्षा अधिकारी धनवीर बिष्ट नेपाली फार्म में किसी निजी विद्यालय की आरटीई के तहत मिलने वाली धनराशि के लिए रिश्वत ले रहे थे। इस मामले में शिकायतकर्ता ने थाना सतर्कता सेक्टर देहरादन में रिश्वत मांगने की एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसका आरोप उपखंड शिक्षा अधिकारी धनवीर बिष्ट लगा था। जिसके तहत आरोपी अधिकारी को निजी स्कूल के संचालक से शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत अध्ययनरत छात्रों की प्रतिपूर्ति के बिल के भुगतान के एवज में एक लाख रुपए की धनराशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। जिसके बाद आगे कार्रवाई की जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिया
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं है। चाहे अधिकारी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो या मामला किसी भी विभाग से जुड़ा हो, भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने पर बिना किसी दबाव या संरक्षण के सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पूर्व में भी स्पष्ट किया है कि उनकी सरकार केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन नीतियों को प्रभावी रूप से धरातल पर लागू करना ही प्राथमिकता है। यही कारण है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई अब तेज और परिणामकारी होती नजर आ रही है।प्रदेश में सतर्कता विभाग एवं अन्य जांच एजेंसियों द्वारा लगातार ट्रैप ऑपरेशन संचालित किए जा रहे हैं और शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया जा रहा है। दोषियों को रंगे हाथ पकड़कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है, जिससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही निरंतर सुदृढ़ हो रही है।
