प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया बहुप्रतीक्षित दिल्ली–देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का उद्घाटन

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उत्तराखंड ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर 26वें वर्ष में प्रवेश किया है; आज दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी है: प्रधानमंत्री
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देहरादून-दिल्ली आर्थिक कॉरिडोर पूरे क्षेत्र का कायाकल्प करेगा: प्रधानमंत्री
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यह कॉरिडोर समय की बचत करेगा, यात्रा सस्ती और तेज होगी, पेट्रोल-डीजल पर खर्च कम होगा, किराया और मालभाड़ा घटेगा; साथ ही रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे: प्रधानमंत्री
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हमारे पहाड़, वन क्षेत्र और देवभूमि की यह धरोहर अत्यंत पवित्र हैं; इन्हें स्वच्छ रखना हमारा कर्तव्य है: प्रधानमंत्री
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प्लास्टिक की बोतलें और कूड़े के ढेर देवभूमि की पवित्रता को आहत करते हैं; इन स्थलों को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है: प्रधानमंत्री
By- Usha Rawat
देहरादून, 14 अप्रैल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर का उद्घाटन किया, जो उत्तराखंड और आसपास के क्षेत्रों के विकास में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। देहरादून में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को बैसाखी, बोहाग बिहू और पुथांडु के अवसर पर शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह उद्घाटन देशभर में उत्सव के माहौल के बीच हो रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी राष्ट्र का भविष्य उसकी सड़कों, एक्सप्रेसवे, रेलवे, एयरवे और वॉटरवे से तय होता है। उन्होंने बताया कि 2014 से पहले जहां देश में अवसंरचना पर सालाना खर्च 2 लाख करोड़ रुपये से कम था, वहीं अब यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि केवल उत्तराखंड में ही 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है।
दिल्ली-पश्चिमी उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड क्षेत्र में हाल के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने दिल्ली मेट्रो विस्तार, मेरठ मेट्रो सेवा, दिल्ली-मेरठ नमो भारत रेल, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और एमआरओ सुविधा जैसी परियोजनाओं को गिनाया और कहा कि इतने कम समय में इतने बड़े पैमाने पर विकास अभूतपूर्व है।

दिल्ली-देहरादून आर्थिक कॉरिडोर के लाभों पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे यात्रा का समय कम होगा और लागत घटेगी। 12,000 करोड़ रुपये के निवेश से बने इस प्रोजेक्ट ने हजारों लोगों को रोजगार प्रदान किया है। उन्होंने कहा कि किसान और पशुपालक भी इससे लाभान्वित होंगे क्योंकि उनकी उपज तेजी से बड़े बाजारों तक पहुंच सकेगी। गाजियाबाद, बागपत, बड़ौत, शामली और सहारनपुर जैसे शहरों के विकास में भी यह कॉरिडोर अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि व्यापार, उद्योग और लॉजिस्टिक्स के नए अवसर खोलने वाला मार्ग है।
पर्यटन के क्षेत्र में इस परियोजना के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और चारधाम क्षेत्र तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब विंटर टूरिज्म, विंटर स्पोर्ट्स और डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए भी उभरता केंद्र बन रहा है। उन्होंने बताया कि आदि कैलाश और ओम पर्वत जैसे स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
प्रधानमंत्री ने विकास और पर्यावरण के संतुलन पर जोर देते हुए बताया कि इस एक्सप्रेसवे में लगभग 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, जिससे वन्यजीवों को कोई बाधा न हो। उन्होंने पर्यटकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे देवभूमि को स्वच्छ रखें और प्लास्टिक कचरे से बचें।

आगामी हरिद्वार कुंभ मेले का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इसे भव्य, दिव्य और स्वच्छ बनाने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने नंदा देवी राजजात यात्रा का जिक्र करते हुए इसे भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया।
महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं की सुरक्षा और भागीदारी के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कानून को 2029 के चुनावों से लागू करने के लिए सभी दलों को सहयोग करना चाहिए।
उत्तराखंड की सैन्य परंपरा का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने 1962 के युद्ध के वीर शहीदों को याद किया और पूर्व सैनिकों के लिए सरकार की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि “वन रैंक वन पेंशन” के तहत लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये वितरित किए जा चुके हैं और पूर्व सैनिकों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सुविधाओं में वृद्धि की गई है।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण प्रगति, प्रकृति और संस्कृति के संतुलन के साथ ही संभव है। उन्होंने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पूरे देशवासियों को इस परियोजना के उद्घाटन पर बधाई दी और कहा कि देशभक्ति, आस्था और विकास के समन्वय से ही भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा।
देवभूमि की पवित्र धरती को नमन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ को समाहित करने वाली चारधाम यात्रा जल्द शुरू होने वाली है, जिसका देशभर के करोड़ों श्रद्धालु बेसब्री से इंतजार करते हैं। उन्होंने पंच बद्री, पंच केदार, पंच प्रयाग और क्षेत्र के आराध्य देवताओं को भी नमन किया। कार्यक्रम से पहले मां डाट काली मंदिर में दर्शन करने का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस विशाल परियोजना को पूरा करने में मां डाट काली का आशीर्वाद महत्वपूर्ण रहा है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन गरीबों और वंचितों को न्याय दिलाने के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि पिछले दशक में सरकार ने संविधान की भावना को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें अनुच्छेद 370 का हटना और नक्सलवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुधार शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि समान नागरिक संहिता की दिशा में उत्तराखंड ने देश को राह दिखाई है।
उत्तराखंड के 26वें वर्ष में प्रवेश का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यह राज्य तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे राज्य की प्रगति को नई गति देगा।
