अलकनंदा में मिले शव का खुलासा, उधारी विवाद में हुई हत्या; आरोपी गिरफ्तार
गौचर, 1 मई (दिगपाल गुसाईं): चमोली जिले के कर्णप्रयाग क्षेत्र में 10 मार्च 2026 को लंगासू स्थित चण्डिका माता मंदिर के नीचे अलकनंदा नदी से बरामद एक अज्ञात शव के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मृतक की पहचान सूरज पुरोहित के रूप में हुई, जिसकी हत्या 16 फरवरी की रात नंदप्रयाग में की गई थी। पुलिस के अनुसार आरोपी नरेंद्र सिंह तोपाल ने उधारी विवाद और अपमान से क्षुब्ध होकर हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया था।
पुलिस के अनुसार 10 मार्च को लंगासू क्षेत्र में अलकनंदा नदी किनारे एक व्यक्ति का शव मिला था, जिसके हाथ-पैर प्लास्टिक की रस्सी से बंधे हुए थे। शव करीब 20–25 दिन पुराना प्रतीत हो रहा था और दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में “Suraj Purohit” लिखा हुआ था। मौके पर पंचायतनामा भरने के साथ फील्ड यूनिट ने फिंगरप्रिंट भी लिए। शव की पहचान के लिए फोटो सोशल मीडिया व डीसीआरबी/एससीआरबी के माध्यम से प्रसारित किए गए, लेकिन 72 घंटे तक शिनाख्त न होने पर पोस्टमार्टम के बाद कर्णप्रयाग संगम में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
23 मार्च को मृतक की पत्नी मंजू देवी ने थाना कर्णप्रयाग पहुंचकर सोशल मीडिया में देखी गई तस्वीरों के आधार पर शव की पहचान अपने पति सूरज पुरोहित के रूप में की। उन्होंने बताया कि उनके पति गुजरात में नौकरी करते थे और पिछले कुछ समय से संपर्क में नहीं थे। पुलिस ने सर्विलांस के माध्यम से मृतक के मोबाइल नंबर की जांच की, जिसमें अंतिम लोकेशन नंदप्रयाग पाई गई।
24 मार्च को अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर पुलिस अधीक्षक चमोली के निर्देश पर एसआईटी और एसओजी टीम गठित की गई। जांच के दौरान कॉल डिटेल, स्थानीय पूछताछ और सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए। जांच में सामने आया कि मृतक नंदप्रयाग के एक होटल में ठहरा था और बाद में मधुबन ढाबे में काम कर रहा था।
सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण में 16 फरवरी की रात आरोपी नरेंद्र तोपाल को मृतक के शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर अपनी कार की डिग्गी में रखते और झूलाबगड़ पुल की ओर ले जाते देखा गया। कुछ देर बाद वह वापस लौटकर गाड़ी धोते भी नजर आया।
पुलिस की सख्ती से पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि उसने मृतक से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और मृतक शराब के नशे में उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था। इसी कारण उसने हत्या कर शव को झूलाबगड़ पुल से अलकनंदा नदी में फेंक दिया।
इस हत्याकांड के खुलासे में कर्णप्रयाग थाना प्रभारी निरीक्षक विनोद थपलियाल, वरिष्ठ उपनिरीक्षक संजय नेगी, उपनिरीक्षक मानवेन्द्र सिंह गुसाईं, उपनिरीक्षक अमनदीप सिंह सहित पुलिस टीम के अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
