दर्शन लाल गैरोला सेवानिवृत्त, समाज सेवा के लिए समर्पण जारी रखने का संकल्प
रुद्रप्रयाग, 4 मई। पौराणिक महत्व के लिए प्रसिद्ध त्रियुगीनारायण क्षेत्र उस समय भावुक हो उठा, जब जल विद्युत निगम में 34 वर्षों की निष्कलंक सेवा के बाद दर्शन लाल गैरोला राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर आयोजित भव्य विदाई समारोह में स्थानीय जनता, जनप्रतिनिधियों और प्रबुद्ध वर्ग ने उन्हें ‘संवेदनशील इंसान’ और ‘हिमालय का सच्चा प्रहरी’ बताते हुए सम्मानित किया।
समारोह में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति इस बात का प्रमाण रही कि गैरोला केवल एक सरकारी कर्मचारी नहीं, बल्कि जन-सरोकारी व्यक्तित्व के रूप में लोगों के दिलों में विशेष स्थान रखते हैं। वक्ताओं ने कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान पद की गरिमा के साथ मानवीय मूल्यों को हमेशा प्राथमिकता दी।
दर्शन लाल गैरोला का व्यक्तित्व बहुआयामी रहा है। जल विद्युत निगम में तीन दशक से अधिक सेवा देने के साथ ही उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय योगदान दिया। वे ‘जन मोर्चा’ जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र में सह-संपादक रहे और ‘अनिकेत’ के माध्यम से जनभावनाओं को मुखर किया। उनकी लेखनी ने उत्तराखंड की संस्कृति, समाज और जनभावनाओं को सशक्त अभिव्यक्ति दी।
उनकी रचनात्मक क्षमता का एक महत्वपूर्ण उदाहरण प्रसिद्ध लोकगीत “हिमवंत देश होला त्रियुगीनारायण” है, जिसे लोकगायक नरेन्द्र सिंह नेगी की आवाज ने नई ऊंचाई दी। यह गीत आज भी उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक माना जाता है।
वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान भी गैरोला ने असाधारण साहस और सेवा भावना का परिचय दिया। सोनप्रयाग क्षेत्र में मंदाकिनी नदी के उफान के बीच उन्होंने वैकल्पिक पुल निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाई और अनेक यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने में सहयोग किया। इसके अतिरिक्त वे उत्तराखंड राज्य आंदोलन और शराबबंदी जैसे सामाजिक अभियानों में भी सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
कार्यक्रम के दौरान उन्हें शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने उनके स्वस्थ और सुखद भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व कभी सेवानिवृत्त नहीं होते, बल्कि समाज सेवा के लिए और अधिक समय समर्पित करते हैं।
अपने संबोधन में दर्शन लाल गैरोला ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी त्रियुगीनारायण और उत्तराखंड की सेवा के लिए सदैव तत्पर रहेंगे।
