चम्पावत प्रकरण पर महिला कांग्रेस ने उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच की मांग
देहरादून, 8 मई। उत्तराखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने चम्पावत की नाबालिग बालिका से जुड़े कथित दुष्कर्म प्रकरण को लेकर राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में उन्होंने मामले की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच कराने की मांग की।
ज्योति रौतेला ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ सामने आने वाले कई चर्चित मामलों में सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों के नाम सामने आते रहे हैं, जिससे सरकार की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लगते हैं। उन्होंने हरिद्वार, नैनीताल और चम्पावत से जुड़े विभिन्न मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार के दावे जमीन पर कमजोर दिखाई दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड जैसे संवेदनशील मामले में भी लंबे समय बाद तक कई सवाल अनुत्तरित हैं और जनता अब भी जांच की वास्तविक स्थिति जानना चाहती है। उनका आरोप था कि सरकार गंभीर मामलों में त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करने के बजाय केवल औपचारिकताएं निभा रही है।
चम्पावत प्रकरण का जिक्र करते हुए महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने पुलिस जांच की प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि पीड़िता और उसके पिता कथित तौर पर 48 घंटे तक कहां थे तथा पीड़िता को कम समय में दो बार मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि पुलिस का दावा सही है और मामला साजिश से जुड़ा था, तो संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है।
रौतेला ने कहा कि घटना से जुड़ी कई जानकारियां अब भी स्पष्ट नहीं हैं। उन्होंने पूछा कि पीड़िता जिस स्थान से बरामद हुई, वहां उसके साथ कौन लोग मौजूद थे और मेडिकल जांच में क्या तथ्य सामने आए। सोशल मीडिया पर वायरल कथित पत्र को लेकर भी उन्होंने स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि इतनी संवेदनशील घटना में बेहद कम समय में जांच पूरी कर मामले को “फर्जी” घोषित कर देना कई संदेह पैदा करता है। उनके अनुसार यह मामला केवल एक प्राथमिकी तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता के भरोसे, पुलिस की पारदर्शिता और न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की विस्तृत टाइमलाइन सार्वजनिक की जाए और यदि आवश्यक हो तो जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए।
उन्होंने हाल ही में जारी एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि उत्तराखंड में अपराध की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ रही है और सरकार को महिला सुरक्षा के मुद्दे पर अधिक गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
पत्रकार वार्ता में महिला कांग्रेस की उपाध्यक्ष चंद्रकला नेगी, प्रदेश महासचिव निधि नेगी, देहरादून जिला अध्यक्ष पूनम सिंह, सुशीला शर्मा तथा अनुराधा तिवारी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
