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रुद्रनाथ ट्रैक मार्गों के विस्तारीकरण और सुधारीकरण की उठी मांग

 


ज्योतिर्मठ, 3 जून (कपरुवाण)। हिमालय स्थित पंचकेदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ धाम में वर्ष-दर-वर्ष बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या तथा धार्मिक पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रुद्रनाथ ट्रैक मार्गों के विस्तारीकरण एवं सुधारीकरण की मांग जोर पकड़ने लगी है। जोशीमठ विकासखंड के कलगोठ गांव तक सड़क सुविधा पहुंचने के बाद अब मात्र 10 किलोमीटर की पैदल दूरी तय कर श्रद्धालु रुद्रनाथ धाम पहुंच सकते हैं। ऐसे में सन वैली के गांवों से रुद्रनाथ तक ट्रैक मार्ग को बेहतर बनाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
सन वैली के डुमक, कलगोठ, पल्ला, जखोला, किमाणा सहित अन्य गांवों से होकर गुजरने वाले इस मार्ग का उपयोग ट्रैकिंग के शौकीन हर वर्ष करते हैं। यदि इस मार्ग का समुचित विकास कर इसे सुगम पैदल यात्रा मार्ग के रूप में विकसित किया जाए तो बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी आसानी से भगवान रुद्रनाथ के दर्शन के लिए पहुंच सकेंगे।
इस संबंध में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर आग्रह किया है कि डुमक-कलगोठ से रुद्रनाथ तक के ट्रैक मार्ग का विकास किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे सन वैली के गांवों के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों से हो रहे पलायन को रोकने में भी सहायता मिलेगी।
अपने पत्र में श्री सती ने कहा है कि गोपेश्वर-सगर होते हुए रुद्रनाथ धाम तक जाने वाला पारंपरिक ट्रैक मार्ग पहले से मौजूद है, लेकिन उसके सुधारीकरण की भी आवश्यकता है। इसके अलावा यात्रा मार्ग और धाम क्षेत्र में आवासीय एवं भोजन की बेहतर सुविधाएं विकसित की जानी चाहिए। उन्होंने अन्य संभावित ट्रैकिंग मार्गों के विकास पर भी जोर देते हुए कहा कि इससे अधिक संख्या में श्रद्धालु रुद्रनाथ पहुंच सकेंगे और दशोली तथा जोशीमठ विकासखंड के दूरस्थ गांवों की आर्थिकी को मजबूती मिलेगी।
श्री सती ने मुख्यमंत्री से डुमक-कलगोठ से रुद्रनाथ तक प्रस्तावित ट्रैक मार्ग का सर्वेक्षण कराए जाने तथा पर्यावरणीय और धार्मिक मर्यादाओं के अनुरूप इसके विकास के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए इस पत्र की प्रतिलिपि पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज तथा जिलाधिकारी चमोली को भी प्रेषित की गई है।

 

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