सीएचसी थराली में जली सरकारी दवाओं के मामले की जांच शुरू
परिसर में मिला एक्सपायरी दवाओं का नया जखीरा
-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 23 जून। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) थराली परिसर में बीते दिनों सरकारी दवाओं को जलाए जाने के मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) चमोली डॉ. अभिषेक गुप्ता के निर्देश पर गठित जांच समिति ने सोमवार से जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान अस्पताल परिसर में ही एक कमरे में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाओं और मास्क का जखीरा मिलने से मामला और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व सीएचसी थराली परिसर में सरकारी दवाओं को जलाए जाने का मामला सामने आया था। इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर व्यापक चर्चा हुई और सोशल मीडिया तथा समाचार पत्रों में भी इसे प्रमुखता से उठाया गया। इसके बाद सीएमओ चमोली ने उप जिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग के अधीक्षक डॉ. भगवती प्रसाद पुरोहित की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।
सोमवार को जांच समिति के अध्यक्ष डॉ. पुरोहित तथा समिति के सदस्य एवं कर्णप्रयाग चिकित्सालय के मुख्य फार्मासिस्ट अनिल मिश्रा सीएचसी थराली पहुंचे। उन्होंने दवाओं के स्टॉक रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों की गहन जांच की। इसके अलावा उस स्थान का भी निरीक्षण किया गया, जहां कथित रूप से दवाओं को जलाया गया था।
जांच के दौरान अस्पताल परिसर में स्थित चिकित्सकों के सरकारी आवास के एक कमरे में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी दवाएं और मास्क रखे होने की जानकारी सामने आई। कमरे की खिड़की से यह सामग्री स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसके फोटो भी जांच टीम ने लिए। हालांकि न तो कमरे को खुलवाया गया और न ही उसे सील किया गया। इससे मामले को लेकर विभिन्न प्रकार की आशंकाएं और सवाल उठने लगे हैं।
जांच समिति के अध्यक्ष एवं कर्णप्रयाग चिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. भगवती प्रसाद पुरोहित ने बताया कि मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा उन्हें पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं गहन जांच कर एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सोमवार को प्रारंभिक जांच की गई है तथा आवश्यकता पड़ने पर जांच टीम पुनः सीएचसी थराली आकर मामले के विभिन्न पहलुओं की पड़ताल करेगी।
उन्होंने बताया कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सीएमओ चमोली को सौंप दी जाएगी। इसके उपरांत आगे की कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों द्वारा तय की जाएगी। फिलहाल जांच जारी है और पूरे मामले पर स्वास्थ्य विभाग की नजर बनी हुई है।

