पोखरी में अंगद-रावण संवाद और लक्ष्मण शक्ति लीला ने मोहा मन, देर रात तक डटे रहे दर्शक

पोखरी, 25 जून (राणा)। नगर पंचायत क्षेत्र पोखरी बाजार में रामलीला समिति के तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय पारंपरिक रामलीला के नौवें दिवस मंचित अंगद-रावण संवाद, मेघनाथ-लक्ष्मण युद्ध तथा लक्ष्मण शक्ति लीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कलाकारों के सजीव अभिनय और प्रभावशाली संवादों ने रामायण काल की घटनाओं को साकार कर दिया, जिससे पूरा रामलीला मैदान भक्तिमय वातावरण में डूब गया।
लीला का शुभारंभ भगवान राम द्वारा लंका विजय से पूर्व सेतुबंध और रामेश्वर स्थापना के प्रसंग से हुआ। इसके बाद भगवान राम के दूत के रूप में रावण के दरबार में पहुंचे अंगद और रावण के बीच हुए संवाद का प्रभावशाली मंचन किया गया। अंगद के आत्मविश्वास और रावण के अहंकार को कलाकारों ने इतनी सशक्तता से प्रस्तुत किया कि दर्शक बार-बार तालियां बजाने को विवश हो गए।
इसके उपरांत मेघनाथ और लक्ष्मण के बीच हुए घोर युद्ध का मंचन किया गया। युद्ध के दौरान मेघनाथ द्वारा शक्ति बाण चलाए जाने से लक्ष्मण के मूर्छित होने का दृश्य अत्यंत मार्मिक रहा। वहीं संकट की घड़ी में हनुमान द्वारा द्रोणागिरि पर्वत से संजीवनी बूटी लाकर लक्ष्मण को पुनर्जीवित करने की लीला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि विशम्बर मदवाल ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आदर्शों और नैतिक मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि उनके उत्कृष्ट अभिनय ने आयोजन को विशेष बना दिया है।
रामलीला में प्रवेश चौधरी ने भगवान राम, अनुराग बिष्ट ने भरत, अंशुल चौधरी ने लक्ष्मण, स्वतंत्र चौधरी ने शत्रुघ्न, मयंक चौधरी ने सीता, जय चौधरी ने हनुमान, राजेश सती ने रावण, कुलदीप चौधरी ने अंगद, प्रशांत पंत ने मेघनाथ, राकेश चौधरी ने सुषेण वैद्य तथा राजेश चौधरी ने विभीषण की भूमिका निभाई। सभी कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय से दर्शकों की भरपूर वाहवाही बटोरी।
रामलीला समिति के सचिव संतोष चौधरी तथा संरक्षक कुंवर सिंह चौधरी ने बताया कि इस वर्ष रामलीला का आयोजन पारंपरिक भव्यता के साथ किया जा रहा है। गर्मी की छुट्टियों के चलते बड़ी संख्या में प्रवासी, छात्र-छात्राएं और रिश्तेदार गांवों में पहुंचे हैं, जिससे आयोजन को लेकर विशेष उत्साह बना हुआ है। उन्होंने क्षेत्रवासियों से आगामी लीलाओं में भी अधिकाधिक संख्या में पहुंचकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
इस अवसर पर ओम प्रकाश चौधरी, दीपक चौधरी, महिधर पंत, मंदोदरी पंत, रमेश चौधरी, मधुसूदन चौधरी, सत्यप्रकाश पंत, भूपेंद्र नेगी, बी.आर. चौधरी सहित समिति के पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
