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रुद्रपुर के बागवाला में 1872 आवासों का निर्माण अंतिम चरण में, हजारों परिवारों का घर का सपना होगा साकार

 

देहरादून, 25 जून । आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत रुद्रपुर के बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन तथा सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित एवं आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, उधमसिंहनगर द्वारा संचालित इस परियोजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का आवास नहीं है। परियोजना पूर्ण होने के बाद हजारों परिवारों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।
करीब 6.03 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परिसर में कुल 23 बहुमंजिला ब्लॉक बनाए गए हैं। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अन्य फ्लैटों में अंतिम चरण के कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं। प्रत्येक आवास में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, रसोईघर, शौचालय, स्नानघर और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाले इन फ्लैटों को छोटे परिवारों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है।
परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति तथा स्वच्छ वातावरण की सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। परिसर में वर्षा जल संचयन, सीवरेज प्रणाली, अत्याधुनिक एसटीपी, हरित क्षेत्र और बच्चों के लिए खेल मैदान जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।
छह लाख रुपये लागत वाले प्रत्येक फ्लैट के लिए लाभार्थी को केवल तीन लाख रुपये का भुगतान करना होगा, जबकि शेष राशि भारत सरकार और राज्य सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। आवेदक की वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए तथा उसके या परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
परिसर में सुरक्षा और गुणवत्ता के सभी मानकों का पालन किया गया है। आरसीसी बाउंड्री वॉल, मुख्य प्रवेश द्वार, विद्युत कार्य, जलापूर्ति व्यवस्था और अग्नि सुरक्षा प्रणाली का कार्य पूरा हो चुका है। यूपीसीएल द्वारा विद्युत सुरक्षा परीक्षण तथा फायर विभाग द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण भी किया जा चुका है।
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि परियोजना के सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण किए गए हैं तथा शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवास आवंटित कर चाबियां सौंपी जाएंगी। इससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आएगा।

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