स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण पर नीति आयोग का जोर, उत्तराखंड को तकनीकी सहयोग का भरोसा
देहरादून, 8 जुलाई। उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार तथा दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए नीति आयोग और राज्य सरकार ने मिलकर कार्य करने पर सहमति जताई। बुधवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन और नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास के बीच हुई बैठक में स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियों और विकास की प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य गठन के बाद उत्तराखंड ने आर्थिक विकास, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पर्यटन और सामाजिक विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने बताया कि राज्य सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स 2023-24 में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है तथा ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और नागरिक-अनुकूल प्रशासनिक प्रक्रियाओं के माध्यम से बेहतर शासन व्यवस्था स्थापित की गई है।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय राज्य होने के कारण दूरस्थ क्षेत्रों तक किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना अब भी बड़ी चुनौती है। महिलाओं और बच्चों में कुपोषण की समस्या के समाधान तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए नीति आयोग से निरंतर तकनीकी सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने हिमालयी क्षेत्रों की स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर शोध, क्षमता निर्माण, टेलीमेडिसिन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के विकास में एम्स सहित अन्य उत्कृष्ट संस्थानों को नॉलेज पार्टनर बनाने का सुझाव दिया।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास ने कहा कि उत्तराखंड विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य परिणामों और एसडीजी लक्ष्यों में और सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मातृ मृत्यु दर और नवजात मृत्यु दर जैसे संकेतकों में राज्य का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से बेहतर है, फिर भी इन्हें और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रहने चाहिए।
उन्होंने संस्थागत प्रसव, टीबी उपचार, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं एवं स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करने पर विशेष बल दिया। साथ ही आपातकालीन एवं ट्रॉमा केयर सेवाओं के विस्तार तथा आयुष प्रणाली को सुदृढ़ करते हुए राज्य में समग्र आयुष इकोसिस्टम विकसित करने की आवश्यकता भी बताई।
बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने राज्य की विकास यात्रा पर प्रस्तुति दी, जबकि नीति आयोग की सलाहकार एवं कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत ने उत्तराखंड की प्रमुख उपलब्धियों और आर्थिक परिदृश्य की जानकारी प्रस्तुत की।
