बरसात में भी पानी के लिये तरस रहे हैं गौचर के कास्तकार
गौचर, 8 जुलाई (गुसाईं)। जनपद चमोली में मानसून की दस्तक के बावजूद गौचर क्षेत्र अब भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहा है। लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण किसानों की चिंता बढ़ गई है और खरीफ की फसलों को नुकसान की आशंका गहरा गई है।
मौसम विभाग के अनुसार चमोली जनपद में मानसून ने 30 जून के आसपास प्रवेश कर लिया था। जिले के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं भी सामने आई हैं, लेकिन गौचर क्षेत्र इससे लगभग अछूता बना हुआ है। यहां मानसून के आगमन के समय एक दिन हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे थे और उन्होंने धान की रोपाई शुरू कर दी थी। इसके बाद बारिश का सिलसिला पूरी तरह थम गया।
बारिश नहीं होने से खेतों में नमी की कमी होने लगी है। क्षेत्र का तापमान 28 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है। किसान अब इस चिंता में हैं कि यदि समय रहते अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान सहित अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कास्तकारों का कहना है कि इस समय धान, कोदा, झंगोरा जैसी प्रमुख फसलों की रोपाई का महत्वपूर्ण समय है और इनके लिए पर्याप्त वर्षा बेहद जरूरी है। यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो खेती की लागत बढ़ने के साथ-साथ उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
फिलहाल गौचर क्षेत्र में बारिश नहीं होने से किसानों के साथ-साथ आम लोगों को भी गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। सभी की निगाहें अब मानसून की सक्रियता पर टिकी हैं।
