स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा लोनिवि थराली डिवीजन, करोड़ों के विकास कार्यों पर असर की आशंका
–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 8 जुलाई। थराली, देवाल और नारायणबगड़ विकासखंडों में दो प्रमुख जिला मार्गों, दर्जनों ग्रामीण सड़कों, बड़े झूला पुलों, मोटर पुलों तथा अन्य महत्वपूर्ण पैदल मार्गों के रखरखाव की जिम्मेदारी संभाल रहा लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) थराली इन दिनों अभियंताओं और मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। इसका सीधा असर विभाग की कार्यक्षमता और विकास कार्यों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
लोक निर्माण विभाग थराली डिवीजन के जिम्मे तीनों विकासखंडों की सड़कों, पुलों, पुलियों तथा अन्य परिसंपत्तियों का रखरखाव एवं नए निर्माण कार्य हैं। इसके बावजूद डिवीजन में तकनीकी और प्रशासनिक स्टाफ के कई महत्वपूर्ण पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं।
सूत्रों के अनुसार, डिवीजन में सहायक अभियंता के चार स्वीकृत पद हैं, जिनमें केवल तीन पर ही तैनाती है। वहीं 13 स्वीकृत कनिष्ठ अभियंता पदों के सापेक्ष केवल आठ अभियंता कार्यरत हैं। कनिष्ठ अभियंता (प्राविधिक) तथा विद्युत एवं यांत्रिक शाखा के दो-दो पद भी रिक्त हैं। मुख्य प्रशासनिक अधिकारी का पद तो भरा है, लेकिन वर्तमान अधिकारी इसी माह सेवानिवृत्त होने वाले हैं। इसके अलावा वरिष्ठ सहायक का पद भी रिक्त है, जबकि कनिष्ठ सहायक के पांच स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल तीन कर्मचारी ही कार्यरत हैं।
बताया जा रहा है कि आगामी श्री नंदा देवी राजजात से जुड़े करीब 47 करोड़ रुपये के कार्य वर्तमान में इसी डिवीजन के पास हैं और निकट भविष्य में नई स्वीकृतियां मिलने की भी संभावना है। इसके अतिरिक्त विश्व बैंक की सहायता से करोड़ों रुपये की लागत वाले चार पुलों के निर्माण का दायित्व भी इसी डिवीजन को सौंपा गया है।
डिवीजन के जिम्मे दो जिला मार्ग, 52 ग्रामीण सड़कें तथा करीब 90 झूला पुल, मोटर पुल और पुलियों का रखरखाव भी है। इसके अलावा जिला योजना एवं राज्य योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत के विभिन्न निर्माण कार्यों का क्रियान्वयन भी इसी डिवीजन को करना है। ऐसे में सीमित तकनीकी और कार्यालयी स्टाफ के सहारे इन सभी कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन चुनौती बना हुआ है।
पर्याप्त स्टाफ तैनात करने की मांग
थराली के पूर्व ब्लॉक प्रमुख सुशील रावत, देवाल के डी.डी. कुनियाल, उर्मिला बिष्ट तथा पूर्व पीसीसी सदस्य महावीर बिष्ट सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने सरकार से मांग की है कि थराली डिवीजन के बढ़ते कार्यभार, विशेषकर श्री नंदा देवी राजजात से जुड़े कार्यों को देखते हुए यहां पर्याप्त संख्या में अभियंताओं और मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों की शीघ्र तैनाती की जाए, ताकि विकास कार्यों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से संचालन सुनिश्चित हो सके।
