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अंतिम व्यक्ति की आवाज थे पूर्व आईएएस चंद्र सिंह, सादगी और ईमानदारी की मिसाल

 

चिरंजीव सेमवाल-
उत्तरकाशी। सीमांत जनपद उत्तरकाशी की अस्सी गंगा घाटी ने बुधवार देर रात अपने एक ऐसे सपूत को खो दिया, जिसने प्रशासनिक सेवा को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनाया। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी चंद्र सिंह के देहरादून में निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
अस्सी गंगा घाटी के भंकोली-कैलसू गांव में 15 अगस्त 1942 को जन्मे चंद्र सिंह साधारण परिवार से निकलकर भारतीय प्रशासनिक सेवा के शीर्ष पदों तक पहुंचे, लेकिन पद और प्रतिष्ठा कभी उनकी सादगी पर हावी नहीं हुए। सात भाई-बहनों के परिवार में पले-बढ़े चंद्र सिंह ने अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 1986 बैच के उत्तराखंड कैडर के आईएएस अधिकारी बने।
अपने लंबे प्रशासनिक जीवन में उन्होंने जिलाधिकारी, परियोजना निदेशक, विशेष सचिव, संयुक्त विकास आयुक्त और विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका अंतिम दायित्व 1 नवंबर 2000 से 31 अगस्त 2002 तक लोक निर्माण विभाग में अतिरिक्त सचिव के रूप में रहा।
नदी बचाओ अभियान से जुड़े सुरेश भाई ने कहा कि चंद्र सिंह प्रशासनिक ईमानदारी और जनसेवा के पर्याय थे। उन्होंने सीमित सरकारी संसाधनों में रहकर अधिकतम जनहित का काम किया और सरकारी तंत्र को जन आकांक्षाओं के अनुरूप ढालने का प्रयास किया।
चंद्र सिंह का जीवन गांधीवादी विचारधारा और सर्वोदय आंदोलन से भी गहराई से जुड़ा रहा। प्रसिद्ध पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा उनके प्रेरणास्रोत और मार्गदर्शक रहे। टिहरी स्थित ठक्कर बापा छात्रावास में अध्ययन के दौरान उन्होंने सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के संस्कार प्राप्त किए। इसी छात्रावास में पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री बर्फियालाल जुंवाठा तथा समाज सुधारक बिहारी लाल भी उनके साथ रहे थे।
करीब-करीब भारत छोड़ो आंदोलन के दौर में जन्मे चंद्र सिंह ने स्वतंत्र भारत की प्रशासनिक व्यवस्था को जनोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। वे केवल एक अधिकारी नहीं थे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति की आवाज और संवेदनशील प्रशासनिक चेहरे के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।
इधर उनके निधन पर जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष नागेंद्र सिंह चौहान, मुख्यमंत्री के गढ़वाल समन्वयक किशोर भट्ट, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपक बिजल्वाण, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण, कांग्रेस नेता मनीष राणा, सुरेंद्र सिंह पंवार और मनीष रावत समेत अनेक जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया।

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