दिल्ली में छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में देहरादून में एसएफआई का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम भेजा ज्ञापन

देहरादून, 22 जुलाई। संसद मार्च के दौरान छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की उत्तराखंड राज्य समिति के नेतृत्व में बुधवार को देहरादून में गांधी पार्क से जिलाधिकारी कार्यालय तक विरोध मार्च और प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले की न्यायिक जांच और कार्रवाई की मांग की गई।
प्रदर्शन में एसएफआई के अलावा सीटू, जनवादी महिला समिति तथा विभिन्न छात्र, युवा और जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उनका कहना था कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए।

राष्ट्रपति के नाम भेजे गए ज्ञापन में संसद मार्च के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने, बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग तथा घायल छात्रों, पत्रकारों और नागरिकों को आर्थिक सहायता एवं निःशुल्क उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई।
सभा को संबोधित करते हुए एसएफआई के प्रदेश अध्यक्ष नितिन मलेठा ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन को पुलिस ने सरकार के इशारे पर बाधित किया। सीटू के सचिव लेखराज ने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन का आरोप लगाया। पंकज क्षेत्री ने विपक्षी दलों से एकजुट होकर सरकार का विरोध करने की अपील की। एसएफआई के जिला सचिव अयाज खान ने छात्रों के साथ अन्याय का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। वक्ता मुकुल ने कहा कि छात्र बेहतर एवं समान शिक्षा व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग कर रहे हैं, जिनका जवाब दमन नहीं होना चाहिए।
प्रदर्शन में एसएफआई के राज्य सचिव शैलेंद्र परमार, सुहाना, कनिका कार्तिक, प्रियंका, अफसाना, अशफाक, समीर, आयुष, मानवी, अभिषेक, आकाश, जसविंदर, पीयूष, अंजली, सीटू के अभिषेक भंडारी, हिमांशु चौहान, भगवंत सिंह पयाल, अनीता रावत, कुसुम नौटियाल, एस.एस. नेगी, बस्ती बचाओ आंदोलन के अनंत आकाश, जनवादी महिला समिति की नूरेशा अंसारी, अभिनेत्री बबीता अनंत, अंजली सेमवाल सहित विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र-युवा मौजूद रहे।
प्रदर्शन के समापन पर आयोजकों ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई और छात्रों की मांगों की अनदेखी जारी रही तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
