आपदा/दुर्घटना

तमक नाले का जिलाधिकारी ने किया स्थलीय निरीक्षण, राहत एवं बचाव कार्यों का लिया जायजा

ज्योतिर्मठ, 12 अगस्त (कपरूवाण)। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बुधवार को तमक नाले का स्थलीय निरीक्षण कर वैली ब्रिज सहित क्षेत्र में चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इससे पूर्व उन्होंने तमक नाले के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण कर फ्लैश फ्लड से प्रभावित क्षेत्र और मौजूदा परिस्थितियों का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को भविष्य में ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बताया कि फ्लैश फ्लड के वास्तविक कारणों का वैज्ञानिक अध्ययन कराने के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से विशेषज्ञ संस्थान को सूचित किया गया है। विशेषज्ञ अध्ययन के माध्यम से घटना के कारणों का पता लगाया जाएगा, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए प्रभावी सुरक्षा एवं बचाव उपाय सुनिश्चित किए जा सकें।
उन्होंने बताया कि ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग पर तमक नाले में 123 बीआरटीएफ, सुराईथोटा द्वारा निर्मित बेली ब्रिज अत्यधिक जलप्रवाह के कारण पूरी तरह बह गया है। अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने से एक व्यक्ति और एक कैंपर वाहन के बहने की सूचना है। सूचना मिलते ही भारतीय सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुट गईं। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें भी लगातार आवश्यक कार्रवाई कर रही हैं तथा घटनास्थल की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी ने प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने उपजिलाधिकारी ज्योतिर्मठ को प्रभावित क्षेत्र में खेतों, फसलों, पंचायत भवन सहित अन्य परिसंपत्तियों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वेक्षण कराने तथा नियमानुसार प्रभावित लोगों को अधिकतम संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिला खनन अधिकारी को आवश्यकता के अनुसार तमक नाले और नदी क्षेत्र में रिवर ड्रेजिंग कराने के निर्देश भी दिए, ताकि जलप्रवाह के मार्ग को व्यवस्थित किया जा सके और भविष्य में जलभराव तथा तेज बहाव से उत्पन्न जोखिम को कम किया जा सके।
जिलाधिकारी ने भारतीय सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ द्वारा लापता व्यक्ति की तलाश के लिए चलाए जा रहे अभियान की भी जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान को पूरी सतर्कता और आपसी समन्वय के साथ संचालित करने के निर्देश दिए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ, कर्नल शांतनु, लेफ्टिनेंट कर्नल विवेक, मेजर विकास, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी, बीआरओ, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ के अधिकारी-कर्मचारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, पूर्व प्रधान लक्ष्मण बुटोला, ढाक वार्ड की जिला पंचायत सदस्य आयुषी बुटोला तथा स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

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