राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए उत्तराखंड के गबर सिंह समेत 48 शिक्षक चयनित

नई दिल्ली, 23 अगस्त। उत्तराखंड के गबर सिंह समेत देशभर के 48 स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चुना गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में इन शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करेंगी। गबर सिंह उत्तराखंड के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, मुस्याखंड, मायरा में शिक्षक हैं।
शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग ने तीन चरणों वाली जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की चयन प्रक्रिया के बाद इन 48 शिक्षकों का चयन किया है। इनमें 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं। चयनित शिक्षक 27 राज्यों, सात केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के छह संगठनों से हैं।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार देश के उन शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है, जिन्होंने शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार के साथ विद्यार्थियों के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास में उल्लेखनीय योगदान दिया है। इस पुरस्कार के लिए चयन प्रक्रिया ऑनलाइन नामांकन और विभिन्न स्तरों पर मूल्यांकन के माध्यम से पूरी की गई।
इस वर्ष योग्य शिक्षकों से 15 जून से 20 जुलाई तक शिक्षा मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से नामांकन आमंत्रित किए गए थे। चयन प्रक्रिया में शिक्षकों के कार्य, नवाचार, शिक्षण पद्धतियों तथा विद्यार्थियों पर उनके प्रभाव सहित विभिन्न पहलुओं का मूल्यांकन किया गया।
5 सितंबर को होने वाले समारोह में प्रत्येक पुरस्कार विजेता के अनुकरणीय कार्यों पर आधारित लघु वृत्तचित्र भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे शिक्षकों के नवाचार और उनके कार्यों को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाएगा।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों में उत्तराखंड के गबर सिंह के अलावा उत्तर प्रदेश से तीन, बिहार से दो, मध्य प्रदेश से दो, महाराष्ट्र से दो और राजस्थान से दो शिक्षक शामिल हैं। वहीं अन्य राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों तथा केंद्रीय संगठनों से भी शिक्षकों का चयन किया गया है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए चयनित 48 शिक्षकों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह से जे. प्रकाश राव, आंध्र प्रदेश से राजेश कुलुरी, अरुणाचल प्रदेश से याकू तमे, असम से राजेश बोरदोलोई, बिहार से खुशबू कुमारी और पुष्पा प्रसाद, चंडीगढ़ से रवि जायसवाल, छत्तीसगढ़ से सुनीता यादव, दिल्ली से सुमन गोयल और गोवा से महादेव हनमंत शिंदे शामिल हैं।
गुजरात से नितिनकुमार महेंद्रकुमार पाठक, हरियाणा से अनिल कौशिक, हिमाचल प्रदेश से मंजरी वी. महाजन, जम्मू-कश्मीर से मोहम्मद अयाज रैना, झारखंड से मुनमुन भट्टाचार्जी, कर्नाटक से रत्नाकुमारी एस., केरल से सुनील कुमार के.पी. और लद्दाख से मोहम्मद मुस्तफा कुमल को भी पुरस्कार के लिए चुना गया है।
इसके अलावा केंद्रीय विद्यालय संगठन से अमुथा जे. और डॉ. मनीषा खेत्रपाल, नवोदय विद्यालय समिति से वैभव वसंतराव कुलकर्णी, जनजातीय कार्य मंत्रालय के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय से मोहम्मद जफर आलम तथा रक्षा मंत्रालय के अधीन सैनिक स्कूल सतारा से शिवप्रसाद अरविंद तिंगरे का चयन हुआ है।
मध्य प्रदेश से डॉ. अर्चना शुक्ला और शैलेन्द्र प्रताप सिंह, महाराष्ट्र से डॉ. कविता नरसिंहराव गिट्टे और कुंडा जयवंत बच्छाव, मणिपुर से वांग्लेम्बम गोबिन सिंह, मिजोरम से लालनुनमावी, नगालैंड से आर. रोनाल्ड मेरु, ओडिशा से पादराज उमाकांत नायक और पुडुचेरी से गणेशन एस. को भी सम्मान मिलेगा।
पंजाब से दिनेश कुमार, राजस्थान से डॉ. दिव्येंदु सेन और डॉ. वर्तिका गुलाट, सिक्किम से सुषमा तमांग, तमिलनाडु से थंगा राज एम., तेलंगाना से भवानी बोम्पेली, त्रिपुरा से रंजन देबनाथ और उत्तर प्रदेश से डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. इफ्तखार खान तथा शालिनी कुशवाहा पुरस्कार के लिए चयनित हुए हैं। पश्चिम बंगाल से पलाश चौधरी और शांतनु पात्रा का चयन किया गया है।
समारोह का दूरदर्शन और शिक्षा मंत्रालय के स्वयं प्रभा चैनलों पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। कार्यक्रम की लाइव स्ट्रीमिंग शिक्षा मंत्रालय के वेबकास्ट प्लेटफॉर्म तथा मंत्रालय के विभिन्न सोशल मीडिया चैनलों पर भी की जाएगी।
