बुग्याल बचाने को स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर जोर

फाटा, 6 सितम्बर। सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र, गोपेश्वर ने केदारनाथ वन्यजीव वन प्रभाग के सहयोग से चार दिवसीय ‘बुग्याल बचाओ अध्ययन अभियान’ का शुभारंभ किया। पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज फाटा में आयोजित समारोह में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अभिभावकों और गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी में हिमालयी बुग्यालों की स्थिति, उन पर बढ़ते दबाव और संरक्षण के उपायों पर चर्चा की गई।

विद्यालय की प्रधानाचार्य शुभलक्ष्मी सेमवाल की अध्यक्षता में आयोजित समारोह में सीपी भट्ट पर्यावरण एवं विकास केंद्र के न्यासी ओमप्रकाश भट्ट ने कहा कि हिमालयी क्षेत्र में अंधाधुंध निर्माण, बड़ी विकास परियोजनाओं तथा अवैज्ञानिक ढंग से बढ़ते धार्मिक पर्यटन और यात्राओं का यहां के संवेदनशील पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। उच्च हिमालयी क्षेत्र के बुग्याल भी बढ़ते मानवीय दबाव के कारण संकट का सामना कर रहे हैं, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि बुग्यालों के संरक्षण में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है। इसके लिए बुग्यालों से लगे गांवों में पारिस्थितिकी विकास समितियों (ईडीसी) को गठित और सक्रिय किया जाना चाहिए। इससे जहां बुग्यालों के संरक्षण में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ेगी, वहीं उनके लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी विकसित हो सकेंगे।
वरिष्ठ पत्रकार व्योमेश चंद्र जुगराण ने कहा कि बुग्याल क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों के साथ सतत संवाद स्थापित किया जाना चाहिए। उनकी समस्याओं, परंपरागत ज्ञान और सुझावों को ध्यान में रखकर ही इन क्षेत्रों की विकास नीति तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी और गैरसरकारी संस्थाओं को इसके लिए मिलकर पहल करनी होगी, ताकि हिमालय के पर्यावरण और पारिस्थितिकी को सुरक्षित रखा जा सके।
केदारनाथ वन्यजीव वन प्रभाग के डिप्टी रेंजर गजेंद्र सिंह सजवाण ने कहा कि वन एवं वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय लोगों के परंपरागत हक-हकूक, पशु चराई और बुग्याल संरक्षण जैसे विषय एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। बुग्यालों के संरक्षण में स्थानीय समुदाय को बढ़-चढ़कर भागीदारी करनी चाहिए।
अधिवक्ता मोहन पंत ने वन एवं वन्यजीव संरक्षण से जुड़े कानूनों और वन अपराधों के संबंध में जानकारी दी। सर्वोदय कार्यकर्ता विनय सेमवाल ने कार्यक्रम का संचालन किया।
इस अवसर पर पीटीए अध्यक्ष जसपाल राणा, रविग्राम के ग्राम प्रधान रामेश्वर प्रसाद जमलोकी, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष अमित सेमवाल, सामाजिक कार्यकर्ता नितिन जमलोकी, मंगला कोठियाल, सुशील भट्ट, वन दरोगा गौर सिंह और वन बीट अधिकारी मनोज रावत सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
