राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेता गबर सिंह बिष्ट का गढ़वाल भवन में अभिनंदन
नई दिल्ली, 6 सितम्बर। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित उत्तराखंड के शिक्षक गबर सिंह बिष्ट का रविवार को नई दिल्ली स्थित गढ़वाल भवन में गढ़वाल हितैषिणी सभा की ओर से अभिनंदन किया गया। सभा के पदाधिकारियों ने उनकी उपलब्धि को उत्तराखंड और प्रवासी समाज के लिए गौरव का विषय बताया।
शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में देशभर के 82 शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया था। इनमें उत्तराखंड से राजकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय मुस्याखांद, विकासखंड नैनीडांडा, जिला पौड़ी गढ़वाल के प्रधानाध्यापक गबर सिंह बिष्ट भी शामिल थे।
राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने के बाद गबर सिंह बिष्ट के गढ़वाल भवन पहुंचने पर दिल्ली-एनसीआर की प्रमुख सामाजिक संस्था गढ़वाल हितैषिणी सभा ने उनका स्वागत और अभिनंदन किया। इस दौरान सभा के पदाधिकारियों ने उन्हें सम्मानित करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
सभा के महासचिव पवन कुमार मैठानी ने कहा कि यह अवसर केवल एक शिक्षक के सम्मान का नहीं, बल्कि उत्तराखंड की मिट्टी से निकले शिक्षक की राष्ट्रीय उपलब्धि पर समूचे प्रवासी उत्तराखंड समाज के गर्व की अभिव्यक्ति है। गबर सिंह बिष्ट को गढ़वाल भवन में सम्मानित कर सभा स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रही है।
उन्होंने कहा कि गबर सिंह बिष्ट का नाम राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित शिक्षकों में शामिल होना समस्त उत्तराखंडवासियों के लिए गौरव की बात है। बिष्ट ने अपने कार्यों से यह साबित किया है कि पद छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि उस पद पर रहते हुए समाज और भावी पीढ़ी के लिए किए गए कार्य ही व्यक्ति को विशिष्ट बनाते हैं।
अभिनंदन समारोह में सभा के महासचिव पवन कुमार मैठानी, सांस्कृतिक सचिव वीरेंद्र सिंह नेगी, वरिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य जगत सिंह असवाल, वॉइस ऑफ माउंटेन के पत्रकार जगमोहन सिंह रावत, संध्या रावत, जसवंत सिंह रावत और गढ़वाल भवन के प्रबंधक धीरेन्द्र सिंह गुसाईं सहित अन्य लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित गबर सिंह बिष्ट की पत्नी सुमित्रा देवी भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
