लगातार बारिश से गौचर क्षेत्र में जन जीवन प्रभावित

गौचर, 6 सितम्बर (गुसाईं)। पिछले कई दिनों से क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। जगह-जगह भूस्खलन, रास्तों पर फिसलन और फसलों को हो रहे नुकसान ने लोगों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन के कारण मकानों पर भी खतरा मंडराने लगा है।
कुछ समय पहले तक सूखे की मार झेल रहे क्षेत्रवासी अब लगातार बारिश से परेशान हैं। खेत-खलिहानों, पैदल रास्तों और सड़कों के आसपास भूस्खलन होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई स्थानों पर भूस्खलन का मलबा आबादी के निकट पहुंचने से लोग आशंकित हैं। लगातार बारिश के कारण लोगों का घरों से निकलना भी मुश्किल हो गया है। इसका असर मवेशियों के लिए चारा-पत्ती की व्यवस्था पर भी पड़ रहा है।
बारिश ने किसानों की चिंता सबसे अधिक बढ़ाई है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कोदा और झंगोरा तथा निचले इलाकों में धान की फसल पकने के करीब पहुंच चुकी है। ऐसे समय में लगातार बारिश इन फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। काश्तकारों को आशंका है कि यदि जल्द मौसम साफ नहीं हुआ तो तैयार हो रही फसलों के सड़ने और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
दूसरी ओर बारिश के कारण जलस्रोतों में बहकर आ रहे कूड़ा-करकट और मलबे से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई है। कई स्थानों पर घरों के नलों में पानी नहीं पहुंचने से लोगों को पिछले कई दिनों से पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार नमी और बारिश के कारण पैदल रास्तों पर काई जमने तथा फिसलन बढ़ने से आवाजाही भी जोखिमभरी हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्व में काई जमे रास्तों पर नगर पालिका की ओर से ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाता था, लेकिन इस बार यह कार्य अपेक्षित स्तर पर होता दिखाई नहीं दे रहा है। लोगों ने फिसलन वाले रास्तों पर शीघ्र आवश्यक उपचार करने और पेयजल व्यवस्था सुचारु करने की मांग की है।
