वांण में नंदा की डोलियों का भावपूर्ण मिलन, अब निर्जन पड़ावों की ओर बड़ी जात
हजारों श्रद्धालु बने ऐतिहासिक मिलन के साक्षी, आज गैरोलीपातल पहुंचेगी यात्रा
–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली/देवाल, 16 सितम्बर। नंदा देवी बड़ी जात के महत्वपूर्ण पड़ाव लाटू धाम वांण में बुधवार देर शाम बधाण की राजराजेश्वरी नंदा देवी की डोली का दशोली और बण्ड परगना की नंदा देवी तथा ज्वाल्पा देवी की डोलियों और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंची छंतोलियों के साथ भावपूर्ण मिलन हुआ। हजारों श्रद्धालु इस अलौकिक दृश्य के साक्षी बने। डोलियों और छंतोलियों के मिलन के साथ ही पूरा वांण गांव मां नंदा के जयकारों से गूंज उठा। करीब 15 हजार से अधिक नंदा भक्तों के यहां पहुंचने से वांण में मेले जैसा माहौल बना हुआ है।

बुधवार को अपने 12वें पड़ाव मुंदोली से बधाण की नंदा देवी की डोली लोहाजंग और कर्जाबगड़ होते हुए देर शाम वांण पहुंची। दशोली, बण्ड और ज्वाल्पा देवी की डोलियां तथा बड़ी संख्या में देव छंतोलियां इससे पहले ही वांण की सीमा में पहुंच चुकी थीं, लेकिन परंपरा के अनुसार वे बधाण की नंदा डोली के देवी चौक पहुंचने की प्रतीक्षा करती रहीं। बधाण की डोली के पहुंचते ही अन्य डोलियों और छंतोलियों ने भी देवी चौक में प्रवेश किया और इसके बाद देव मिलन का भावपूर्ण दृश्य सामने आया।
इस दौरान कई श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। महिलाओं, पुरुषों और युवतियों पर देवी अवतरित होने की धार्मिक मान्यता के अनुरूप वे काफी देर तक नृत्य करते रहे। डोलियों और छंतोलियों के मिलन तथा लगातार गूंजते मां नंदा के जयकारों से देर रात तक वांण का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
बड़ी जात को लेकर वांण में जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों का भी जमावड़ा लगा हुआ है। थराली विधायक भूपाल राम टम्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट, राज्य मंत्री बलवीर घुनियाल और मुख्यमंत्री समन्वयक दलवीर दानू सहित कई जनप्रतिनिधि यहां पहुंचे हैं। जिलाधिकारी गौरव कुमार, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, उपजिलाधिकारी थराली यशवीर सिंह, तहसीलदार अक्षय पंकज और थराली थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी भी व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए वांण में डटे हैं।
लाटू देवता मंदिर समिति वांण के अध्यक्ष कृष्णा बिष्ट, ग्राम प्रधान नंदुली बिष्ट, पूर्व जिला पंचायत सदस्य कृष्णा बिष्ट सहित ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में पहुंचे नंदा भक्तों का स्वागत किया।
गुरुवार को बड़ी जात का सबसे कठिन और रोमांचक चरण शुरू होगा। लाटू मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद लाटू देवता के निशान की अगुवाई में यात्रा वांण से आगे बढ़ेगी। रणकाधार और नीलगंगा होते हुए यात्री पहले निर्जन पड़ाव गैरोलीपातल और इसके बाद वेदनी बुग्याल की ओर बढ़ेंगे। आबादी क्षेत्र से बाहर निकलने के साथ ही यात्रियों को अब हिमालय के दुर्गम और निर्जन यात्रा मार्ग से गुजरना होगा।
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहले ही वेदनी बुग्याल पहुंचकर अपने टेंट लगा चुके हैं और वहां नंदा देवी की डोली के पहुंचने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
मुंदोली में पहली बार जन्मस्थली पर रुकी नंदा डोली
इस बार बड़ी जात के दौरान मुंदोली में भी एक विशेष धार्मिक प्रसंग जुड़ा। द्यौसिंह देवता की जन्मस्थली पर पहली बार राजराजेश्वरी नंदा देवी की उत्सव डोली कुछ समय के लिए रुकी। इस दौरान नंदा देवी और द्यौसिंह देवता के भक्तों ने पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं।
मुंदोली निवासी और राज्य के प्रसिद्ध धावक कलम सिंह बिष्ट के अनुसार द्यौसिंह देवता मुंदोली गांव से लाटू देवता की तरह मां नंदा की यात्रा की अगवानी करते हैं। अब तक जिस स्थान को द्यौसिंह देवता की जन्मस्थली माना जाता है, वहां नंदा देवी की डोली नहीं रुकती थी। ग्रामीणों के प्रयास से इस बार पहली बार डोली यहां कुछ समय के लिए रुकी और श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
