इंस्पायर अवार्ड में चमोली का शत-प्रतिशत नामांकन
गौचर, 17 सितम्बर (गुसाईं)। भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना में चमोली जिले ने शत-प्रतिशत नामांकन कर उपलब्धि हासिल की है। जिले के यू-डाइस में पंजीकृत सभी 520 राजकीय, अशासकीय एवं मान्यता प्राप्त विद्यालयों के 2518 छात्र-छात्राओं के नवाचारी विचार इंस्पायर पोर्टल पर अपलोड किए गए हैं।
जिला समन्वयक गंभीर सिंह असवाल ने बताया कि विद्यालयी विद्यार्थियों में विज्ञान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी अपने आसपास की सामाजिक एवं दैनिक जीवन से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अभिनव विचार प्रस्तुत करते हैं। विद्यालयों के माध्यम से इन विचारों को इंस्पायर पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जाता है।
नामांकन के बाद राष्ट्रीय स्तर पर नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन उत्कृष्ट विचारों का चयन करता है। चयनित विद्यार्थियों को अपने नवाचार को मॉडल अथवा प्रोटोटाइप के रूप में विकसित करने के लिए भारत सरकार की ओर से दस हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाती है। उत्कृष्ट नवाचारों को जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों एवं प्रतियोगिताओं में प्रस्तुत करने का अवसर भी मिलता है।
असवाल ने बताया कि जिले के सभी विद्यालयों ने अपने प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के समाजोपयोगी और नवाचारी विचारों का चयन कर निर्धारित अंतिम तिथि 15 सितम्बर तक पोर्टल पर अपलोड कर दिया। इससे चमोली ने योजना में शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि इंस्पायर अवार्ड-मानक विद्यार्थियों को किसी समस्या की पहचान से लेकर उसके वैज्ञानिक और व्यावहारिक समाधान तक सोचने का अवसर देता है। स्थानीय समस्याओं पर आधारित विद्यार्थियों के छोटे-छोटे नवाचार भविष्य में उपयोगी तकनीकी समाधान का रूप ले सकते हैं।
जिले की इस उपलब्धि पर मुख्य शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने जिला एवं विकासखंड समन्वयकों, संस्थाध्यक्षों और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दी हैं।
