चमोली में वन्यजीव सप्ताह में संरक्षण और जन-जागरूकता के विविध कार्यक्रम
संवेदनशील गांवों में ग्रामीण स्वयंसेवी सुरक्षा दलों का गठन, विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताएं और पक्षी अवलोकन कार्यक्रम
गोपेश्वर, 8 अक्टूबर (महिपाल गुसाईं)। वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग और बदरीनाथ वन प्रभाग की ओर से वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न गांवों और शिक्षण संस्थानों में गोष्ठियां, प्रतियोगिताएं, स्वच्छता अभियान और अन्य गतिविधियां आयोजित की गई हैं।
बदरीनाथ वन प्रभाग की प्रभागीय वनाधिकारी प्रणाली रमेश उमरे और केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी रजत सुमन ने संयुक्त कार्यक्रम में बताया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की दृष्टि से अतिसंवेदनशील गांवों में ग्रामीण स्वयंसेवी सुरक्षा दलों का गठन किया जा रहा है। इनमें लोहवा रेंज के सेरा तेवाखर्क और स्यूणी मल्ली तथा नागनाथ रेंज के नैल और पोगठा गांव शामिल हैं। इन दलों के माध्यम से ग्रामीणों को वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने, समय पर वन विभाग को सूचना देने और संघर्ष की घटनाओं को रोकने में सहयोग के लिए प्रशिक्षित एवं प्रोत्साहित किया जाएगा।
वन विभाग की गोपेश्वर, नागनाथ, ऊखीमठ, धनपुर और लोहवा रेंज के अंतर्गत चौमासी, बॉला-श्रीकोट, नौली, सिलपाटा, बेमरू, झिरकोटी, गिरसा, रैल गांव, रोहिड़ा, रांसी और पुनगांव सहित अनेक गांवों में जागरूकता गोष्ठियां और स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए। ग्रामीणों को वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व तथा मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। इस दौरान वन्यजीव संरक्षण की शपथ भी दिलाई गई।
विद्यालयों में भी वन्यजीव सप्ताह के तहत विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। राजकीय इंटर कॉलेज श्रीकोट, जूनियर हाईस्कूल मासों, राजकीय प्राथमिक विद्यालय स्यूणी, राजकीय इंटर कॉलेज गोदाली, राजकीय प्राथमिक विद्यालय झूमखेत और भगतराम सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज गौचर में चित्रकला, निबंध तथा भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों को जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया गया।
लोहवा रेंज में भराड़ीसैंण-दिवालीखाल मोटर मार्ग पर 21 किलोमीटर की मैराथन दौड़ आयोजित की गई। इसका उद्देश्य युवाओं और स्थानीय लोगों को वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना था।
राजकीय इंटर कॉलेज बैरांगना में पक्षी विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में पक्षी अवलोकन कार्यक्रम आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को विभिन्न पक्षियों की पहचान, उनके प्राकृतिक आवास और जैव विविधता संरक्षण में उनकी भूमिका की जानकारी दी गई।
इसके अतिरिक्त चमोली रेंज के बिरही में वन आरक्षियों के लिए वन्यजीवों को बेहोश करने वाली बंदूक के सुरक्षित उपयोग का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें वन्यजीवों के सुरक्षित बचाव, नियंत्रण और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।
बदरीनाथ वन प्रभाग की प्रभागीय वनाधिकारी प्रणाली रमेश उमरे ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे।

