मौसम

उत्तराखंड के पांच जिलों में मौसम का ऑरेंज अलर्ट, भारी बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

चारधाम यात्रा मार्गों पर विशेष सतर्कता, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में मशीनरी तैयार रखने के निर्देश

 

देहरादून, 29 अक्टूबर। मौसम विभाग ने 30 अक्टूबर को उत्तराखंड के पांच जिलों नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में खराब मौसम को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने, ओलावृष्टि होने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके अतिरिक्त पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चम्पावत जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की चेतावनी भी दी गई है।

मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन से स्थिति की जानकारी लेकर जनसुरक्षा के सभी आवश्यक उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सचिव ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की और आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह सतर्क रहने को कहा।

सचिव सुमन ने चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब मौसम अथवा किसी संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जाए। संबंधित अधिकारी यात्रा मार्गों की स्थिति की लगातार निगरानी करें और परिस्थितियों के अनुसार तत्काल निर्णय लें। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही पर भी विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

उन्होंने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क मार्ग अवरुद्ध होने की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित एजेंसियों और सीमा सड़क संगठन को आवश्यक मशीनरी एवं संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए। संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा मार्ग बाधित होने पर तत्काल यातायात बहाल करने को कहा गया है। सभी विभागीय नोडल अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

ओलावृष्टि से नुकसान पर राहत प्रस्ताव तत्काल भेजने के निर्देश

बैठक में ओलावृष्टि से प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने और क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की पुनर्बहाली की भी समीक्षा की गई। सचिव ने संबंधित जिलों को नुकसान का आकलन कर आवश्यक धनराशि के प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता के लिए भी तत्काल प्रस्ताव प्रस्तुत किए जाएं। पुनर्बहाली एवं पुनर्निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक धनराशि की मांग भी समय से भेजी जाए।

सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री धामी और आपदा प्रबंधन मंत्री कौशिक ने राहत संबंधी प्रस्ताव भेजने में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने प्रभावितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराने तथा क्षतिग्रस्त परिसंपत्तियों की मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

चीड़बासा में पत्थर गिरने से बचाव के लिए लगेगा सुरक्षा जाल

बैठक में चीड़बासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने की समस्या पर भी चर्चा हुई। सचिव ने यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपायों का प्रस्ताव तत्काल तैयार करने को कहा। विशेष रूप से पत्थर गिरने से बचाव के लिए सुरक्षा जाल लगाने संबंधी प्रस्ताव शीघ्र शासन को भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि स्वीकृति और आवश्यक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।

सचिव सुमन ने आम जनता से मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेने, खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने तथा नदी-नालों, जलधाराओं और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी आपदा अथवा आपात स्थिति की सूचना राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के टोल फ्री नंबर 1070 पर तत्काल दी जाए।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा और मोहित माथुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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