जॉर्ज एवरेस्ट की भूमि को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन, आवंटन प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग

देहरादून, 4 नवंबर। मसूरी स्थित ऐतिहासिक जॉर्ज एवरेस्ट की भूमि निजी क्षेत्र को सौंपे जाने के मुद्दे पर कांग्रेस ने बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सरकारी भूमि के आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सरकार से संबंधित निर्णयों और शर्तों को सार्वजनिक करने की मांग की। यह प्रदर्शन कांग्रेस के प्रदेशव्यापी ‘धामी हटाओ-भूमि बचाओ’ अभियान के अंतर्गत आयोजित किया गया।
प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए गणेश गोदियाल ने कहा कि उत्तराखंड की भूमि केवल आर्थिक संसाधन नहीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संपदा और भावी पीढ़ियों के हितों से जुड़ी हुई है। राज्य गठन के समय लोगों को उम्मीद थी कि यहां के जल, जंगल और जमीन पर स्थानीय जनता के अधिकार सुरक्षित रहेंगे तथा इन संसाधनों का उपयोग जनकल्याण और प्रदेश के विकास में किया जाएगा।
गोदियाल ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार की भूमि संबंधी नीतियों में सार्वजनिक हितों की पर्याप्त सुरक्षा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि मसूरी का जॉर्ज एवरेस्ट क्षेत्र ऐतिहासिक महत्व के साथ प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे स्थलों के प्रबंधन और निजी क्षेत्र की भागीदारी से संबंधित निर्णय पूरी पारदर्शिता के साथ लिए जाने चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सरकार से स्पष्ट करने को कहा कि जॉर्ज एवरेस्ट की भूमि किस प्रक्रिया के अंतर्गत, कितनी अवधि के लिए और किन शर्तों पर निजी क्षेत्र को दी गई है। उन्होंने संबंधित समझौतों और निर्णयों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की, ताकि जनता को वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकारी संपत्तियों और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का मुद्दा आगे भी उठाती रहेगी। पार्टी ने निजी क्षेत्र को सौंपी गई सरकारी जमीनों से संबंधित निर्णयों की समीक्षा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें वापस सरकारी नियंत्रण में लेने की मांग की है।
हालांकि, निजी क्षेत्र की भागीदारी और सरकारी भूमि के स्वामित्व हस्तांतरण में अंतर है। जॉर्ज एवरेस्ट परियोजना में भूमि के स्वामित्व, पट्टे अथवा संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति संबंधित सरकारी दस्तावेजों से ही स्पष्ट हो सकती है। कांग्रेस के आरोपों पर सरकार अथवा संबंधित विभाग का पक्ष इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं हो सका।
प्रदर्शन में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, राजेंद्र सिंह भंडारी, राजेंद्र शाह, अश्विनी बहुगुणा, उपेंद्र थापली, अमरजीत सिंह, राजेश चमोली, अमरेंद्र बिष्ट, अमित गुप्ता, अनुज गुप्ता, सोमेंद्र बोहरा, सुनीत राठौड़, यशपाल चौहान, गौरव अग्रवाल, रितेश जोशी, प्रशांत खंडूरी, मनीष गुनियाल, सोनिया आनंद, अपून सक्सेना, मेघ सिंह कंडारी, जसवीर कौर, उर्मिला थापा और निशांत बोरा सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

