परस्पर सौहार्द का एक संस्मरण

–गोविंद प्रसाद बहुगुणा–
पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी जब उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो उसी दौरान केंद्र में उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की मौत हो गई थी। उनकी मृत्यु से नेहरू जी बहुत दुखी और असहाय महसूस करने लगे तो उन्होंने पंत जी को फोन मिलाया और उनसे अनुरोध किया कि आप यहां चले आइए और गृह मंत्री का पद संभालिए। पंत जी ने कहा -नहीं भाई मैं यहीं ठीक हूं । यह ज़बाब सुनकर फिर उन्हें कहा कि फिर तो ऐसा करिए कि आप यहां प्रधानमंत्री का पद संभालिए ,और मैं उत्तरप्रदेश में आपकी जगह मुख्यमंत्री बन जाऊंगा लेकिन आपको दिल्ली आना ही पड़ेगा । यह सुनकर पंत जी को अफसोस हुआ कि मैने क्या कह दिया ! वे दूसरे दिन सीधे दिल्ली पहुंच गए और गृहमंत्री का पदभार संभाल लिया ….,यह था दोनों राष्ट्रीय नेताओं का परस्पर सौहार्द …
