गंगोत्री–यमुनोत्री धाम यात्रा व्यवस्थाओं की रोजाना होगी समीक्षा, ओवरचार्जिंग पर सख्ती

उत्तरकाशी, 24 अप्रैल। चारधाम यात्रा को सुचारु, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। गंगोत्री एवं यमुनोत्री धाम सहित प्रमुख पड़ावों पर आवश्यक सेवाओं और व्यवस्थाओं की निगरानी अब प्रतिदिन की जाएगी।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी एवं जोनल मजिस्ट्रेट गंगोत्री धाम मुक्ता मिश्र ने वर्चुअल माध्यम से सेक्टर अधिकारियों एवं विभागीय नोडल अधिकारियों की बैठक लेते हुए यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाओं के सुचारु संचालन, समस्याओं के त्वरित समाधान और सतत निगरानी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी विभागों को टीम भावना और आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
अपर जिलाधिकारी ने चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं के अंतर्गत स्वास्थ्य, सफाई, पेयजल, विद्युत, पुलिस सहायता तथा यात्रियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने सीमा सड़क संगठन को भूस्खलन संभावित क्षेत्रों—नगुण पुल, चढ़ेथी, काली पहाड़ी और डबरानी—में जेसीबी मशीनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आपात स्थिति में जेसीबी मशीनें अधिकतम 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचनी चाहिए तथा ऑपरेटर की तैनाती पहले से सुनिश्चित रहे।
एडीएम ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखी निर्माण सामग्री को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश भी दिए, ताकि यातायात सुचारु बना रहे और किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। बैठक के दौरान स्वास्थ्य, पेयजल और विद्युत सहित यात्रा से जुड़े सभी विभागों की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
इस बीच गंगोत्री वाहन पार्किंग में अधिक शुल्क वसूले जाने की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। इस संबंध में अधिशासी अधिकारी, गंगोत्री ने जानकारी दी कि नगर पंचायत द्वारा संबंधित फर्म पर ₹50 हजार का चालान किया जा चुका है।
वर्चुअल बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बी.एस. रावत, एसडीएम शालिनी नेगी, क्षेत्राधिकारी जनक पंवार, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं सहित सेक्टर एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
