बारिश से गौचर-दुवा कांडा मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त, कई मकानों पर मंडराया खतरा
गौचर, 1 सितंबर (गुसाईं)। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश ने क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार रात हुई तेज बारिश के कारण गौचर नगर पालिका क्षेत्र से दुवा-कांडा जाने वाला मोटर मार्ग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क से लगातार मलबा नीचे की ओर आवासीय भवनों तक पहुंचने से कई मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है। इससे प्रभावित परिवारों में भय बना हुआ है।
लगातार बारिश के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बारिश के चलते लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं मवेशियों के लिए चारा-पत्ती जुटाने में भी परेशानी हो रही है। गौचर-दुवा कांडा मोटर मार्ग पर हुए भूस्खलन ने सड़क के नीचे स्थित कई आवासीय भवनों की चिंता बढ़ा दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क किनारे बारिश के पानी की निकासी के लिए नालियों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण यह स्थिति पैदा हुई है। बारिश का पानी सड़क और उसके नीचे की जमीन में समाने से भू-कटाव बढ़ रहा है और सड़क का मलबा नीचे स्थित मकानों की ओर गिर रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता दिनेश बिष्ट ने बताया कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर सड़क धंसने से बड़ी मात्रा में मलबा नीचे स्थित मकानों की दीवारों तक पहुंच गया था। उस समय प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराते हुए सड़क के दोनों ओर नालियों का निर्माण कराने की मांग की गई थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि नालियां बनने से बारिश के पानी की सुरक्षित निकासी हो सकेगी और पानी सड़क के नीचे जाने के बजाय निर्धारित रास्ते से निकल जाएगा।
दिनेश बिष्ट के अनुसार शिकायत के बावजूद नालियों का निर्माण नहीं किया गया। विभाग की ओर से सड़क के नीचे पुश्ता लगाकर काम पूरा कर दिया गया था, लेकिन एक वर्ष के भीतर ही यह पुश्ता भी ढह गया है। इसके चलते बारिश के दौरान सड़क का मलबा सीधे नीचे स्थित आवासीय भवनों की ओर आ रहा है।
भूस्खलन और मलबा गिरने से दौलत सिंह और गंगा देवी सहित अन्य भवन स्वामियों के मकानों पर खतरा बना हुआ है। लगातार बारिश के कारण लोगों को आशंका है कि यदि सड़क का कटाव इसी तरह जारी रहा तो और अधिक मलबा नीचे आ सकता है और मकानों को नुकसान पहुंच सकता है।
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से प्रभावित स्थल का तत्काल निरीक्षण करने और बारिश के पानी की निकासी के लिए सड़क किनारे नालियों के साथ मजबूत सुरक्षा पुश्ते का निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते स्थायी सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए गए तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
