अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत, अब सभी को नियमित सैनिक बनने का अवसर
An objective assessment of the Agnipath Scheme highlights the outstanding performance of Agniveers in skills, motivation, physical fitness, and technological prowess. Based on merit, 25% of Agniveers will receive regular employment in the Defence Forces. For the remaining 75%, the Cabinet has approved a further two-year engagement period. Upon its completion, all Agniveers will be offered enrolment as regular soldiers, subject to their willingness and meeting selection criteria. This extension, informed by detailed evaluation and feedback after four years, aims to align Agniveers’ aspirations with organisational efficiency. Key achievements include broader recruitment reach, transparent processes, high discipline and adaptability, and expanded opportunities for women. The scheme continues with enhanced remuneration, Seva Nidhi benefits, and seniority provisions, creating a clear pathway for full absorption into the Forces.
मंत्रिमंडल ने 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा अवधि देने का निर्णय लिया, निर्धारित मानदंड पूरे करने पर नियमित भर्ती का रास्ता खुलेगा
नई दिल्ली, 4 नवंबर। केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के अंतर्गत भर्ती होने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने चार वर्ष की प्रारंभिक सेवा अवधि पूरी करने वाले शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को स्वेच्छा के आधार पर दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा अवधि देने की मंजूरी प्रदान की है। इस अतिरिक्त अवधि के पूरा होने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन मानदंड पूरे करने की शर्त पर रक्षा बलों में नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर मिलेगा।
सरकार की ओर से बुधवार को जारी जानकारी के अनुसार, अग्निपथ योजना की मौजूदा व्यवस्था के तहत चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता के आधार पर नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान पहले की तरह जारी रहेगा। शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो वर्ष और सेवा करने का विकल्प दिया जाएगा। इसके बाद वे अपनी इच्छा और निर्धारित पात्रता एवं चयन मानदंडों के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में भर्ती हो सकेंगे।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह निर्णय रक्षा बलों की सिफारिशों तथा पिछले चार वर्षों के दौरान अग्निवीरों के प्रदर्शन के व्यापक मूल्यांकन के आधार पर लिया गया है। मूल्यांकन में अग्निवीरों की कार्यक्षमता, शारीरिक दक्षता, अनुशासन, प्रेरणा, तकनीकी कौशल और बदलती सैन्य आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को ढालने की क्षमता को संतोषजनक पाया गया है।
रक्षा बलों के अनुसार, अग्निवीरों ने संगठनात्मक आवश्यकताओं और सामरिक दक्षता के अनुरूप अच्छा प्रदर्शन किया है। योजना के अंतर्गत भर्ती प्रक्रिया का दायरा देश के विभिन्न जिलों तक बढ़ा है। भर्ती व्यवस्था अधिक मानकीकृत और पारदर्शी हुई है। इसके साथ ही अग्निवीरों के मनोबल, प्रतिस्पर्धात्मक भावना, शारीरिक क्षमता और तकनीकी दक्षता में भी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
सरकार का कहना है कि अग्निपथ योजना के माध्यम से रक्षा बलों की विभिन्न शाखाओं में महिलाओं के लिए भी नए अवसर उपलब्ध हुए हैं। सेवा के दौरान अग्निवीरों की शैक्षणिक योग्यता, तकनीकी अनुकूलन क्षमता और व्यावसायिक कौशल में वृद्धि दर्ज की गई है।
नई व्यवस्था के तहत दो वर्ष की अतिरिक्त सेवा अवधि स्वीकार करने वाले अग्निवीरों को अधिक पारिश्रमिक, उन्नत सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता संबंधी लाभ भी दिए जाएंगे। सरकार के अनुसार, इस निर्णय का उद्देश्य अग्निवीरों की भविष्य संबंधी आकांक्षाओं और रक्षा बलों की संगठनात्मक आवश्यकताओं के बीच बेहतर संतुलन स्थापित करना है।
उल्लेखनीय है कि अग्निपथ योजना के अंतर्गत अब तक चार वर्ष की सेवा के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित सेवा में शामिल करने की व्यवस्था थी। शेष अग्निवीरों को सेवा से बाहर होना पड़ता था। नए निर्णय से इस वर्ग के लिए भी नियमित सैन्य सेवा में प्रवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।
हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि अतिरिक्त सेवा अवधि पूरी करने के बाद नियमित भर्ती अग्निवीरों की इच्छा और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करने पर निर्भर करेगी। इस प्रकार नई व्यवस्था सभी अग्निवीरों को नियमित सेवा में आने का अवसर प्रदान करती है, लेकिन बिना शर्त नियमित नियुक्ति की गारंटी नहीं देती।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि चार वर्षों के अनुभव और प्राप्त सकारात्मक प्रतिक्रियाओं को देखते हुए अग्निपथ योजना जारी रहेगी।

