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मुख्यमंत्री धामी सख्त: जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर होगी कार्रवाई

 

पेयजल विभाग एक सप्ताह में निपटाए लंबित शिकायतें, शून्य कार्यवाही वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस के निर्देश

देहरादून, 30 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर प्राप्त जन शिकायतों के समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक निस्तारण के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा है कि शिकायतों के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि शिकायतों के निस्तारण में ढिलाई बरतने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गुरुवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हेल्पलाइन प्रदेशवासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी माध्यम है। इसलिए प्रत्येक शिकायत का जवाबदेही के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में पेयजल विभाग और जल जीवन मिशन से संबंधित बड़ी संख्या में लंबित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित मामलों का प्रभावी समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर शिकायतों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों की मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतों के निस्तारण में कार्यवाही शून्य प्रतिशत है, उन्हें विभागाध्यक्ष तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करें। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि निर्धारित समयावधि में जिन शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा है, उनकी विभागाध्यक्ष और जिलाधिकारी नियमित समीक्षा करें। साथ ही स्पेशल क्लोज, डिमांड, सजेशन तथा अन्य श्रेणियों में परिवर्तित शिकायतों की भी गंभीरता से जांच की जाए, ताकि किसी वास्तविक शिकायत का निस्तारण प्रभावित न हो।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक सोमवार को जिला स्तर पर जिलाधिकारियों, मंडल स्तर पर मंडलायुक्तों तथा शासन स्तर पर सभी सचिवों द्वारा “समाधान दिवस” आयोजित कर जन समस्याओं की नियमित सुनवाई और समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस को प्रभावी जनसेवा मंच के रूप में विकसित किया जाए और इसकी नियमित मॉनिटरिंग भी हो।

बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों द्वारा अपने प्रारंभिक सेवा क्षेत्रों में किए गए नवाचारों की विस्तृत सूची 50 दिनों के भीतर उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कार्मिकों को सेवानिवृत्ति के बाद पहले ही महीने से पेंशन उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन, लोक निर्माण, पर्यटन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को चारधाम यात्रा मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। साथ ही भूमि संबंधी विवादों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निस्तारण करने के भी निर्देश दिए।

बैठक में सचिव डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि 18 अप्रैल से 28 जुलाई 2026 तक मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1905 पर कुल 67,843 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 20,461 शिकायतों का पूर्ण निस्तारण, 31,363 का आंशिक निस्तारण किया गया है। 7,404 शिकायतें प्रक्रियाधीन, 4,061 लंबित तथा 3,738 शिकायतें स्पेशल क्लोज श्रेणी में हैं। इस अवधि में स्पेशल क्लोज की दर घटकर 5.5 प्रतिशत रह गई है, जो पूर्व अवधि की तुलना में सुधार को दर्शाती है।

बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर शिकायतों की संख्या बढ़ी है, जबकि प्रमुख विभागों में शिकायतों के औसत निस्तारण समय में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ताओं से समाधान के बाद फीडबैक लेने और विभागवार मॉनिटरिंग व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री ने सभी सचिवों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अगली समीक्षा बैठक से पहले अपने-अपने स्तर पर व्यापक समीक्षा कर लें। उन्होंने कहा कि अगली बैठक में केवल शिकायतों की संख्या नहीं, बल्कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण, शिकायतकर्ताओं की संतुष्टि और विभागीय जवाबदेही के आधार पर समीक्षा की जाएगी।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अल्मोड़ा, टिहरी गढ़वाल, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर के शिकायतकर्ताओं से फोन पर बातचीत कर उनकी शिकायतों के निस्तारण की स्थिति की जानकारी भी ली। अधिकांश शिकायतकर्ताओं ने समस्याओं के समाधान पर संतोष व्यक्त किया, जबकि कुछ मामलों में मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों और अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

बैठक में राज्य आपदा प्रबंधन सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रुहेला, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल. फैनई, डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम सहित सचिव, अपर सचिव, विभागाध्यक्ष तथा सभी जिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

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