अग्निवीर योजना पर कांग्रेस ने उठाए सवाल, सरकार से मांगा पुनर्वास का ब्योरा

देहरादून, 17 जुलाई। उत्तराखंड कांग्रेस ने अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाते हुए चार वर्ष की सेवा के बाद बाहर होने वाले अग्निवीरों के रोजगार और सामाजिक सुरक्षा की स्पष्ट व्यवस्था की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने गुरुवार को कांग्रेस मुख्यालय में संयुक्त पत्रकार वार्ता में योजना को युवाओं के भविष्य के लिए अनिश्चितता पैदा करने वाला बताया।
गोदियाल ने कहा कि सेना में स्थायी भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं के सामने अग्निपथ व्यवस्था के बाद परिस्थितियां बदली हैं। उन्होंने सवाल किया कि समान सैन्य जोखिम उठाने के बावजूद नियमित सैनिकों और अग्निवीरों की सेवा अवधि तथा सेवानिवृत्ति लाभों में अंतर क्यों है। उन्होंने स्थायी भर्ती के अवसर बढ़ाने की मांग की।
अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर चार वर्ष के लिए भर्ती होते हैं और प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत को प्रदर्शन तथा सेना की आवश्यकताओं के आधार पर नियमित कैडर में शामिल होने का अवसर मिलता है। चार वर्ष बाद सेवा छोड़ने वालों को लगभग 11.71 लाख रुपये की ‘सेवा निधि’ देने का प्रावधान है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि सैन्य परंपरा वाले उत्तराखंड में इस व्यवस्था का विशेष प्रभाव है। उन्होंने शेष अग्निवीरों के लिए स्थायी रोजगार का रोडमैप सार्वजनिक करने और पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की मांग की।
डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि विभिन्न विभागों में आरक्षण या प्राथमिकता की घोषणा के साथ यह भी बताया जाना चाहिए कि वास्तव में कितने पूर्व अग्निवीरों को रोजगार मिला। केंद्र सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और असम राइफल्स की भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण तथा आयु सीमा में छूट का प्रावधान किया है। सरकार का पक्ष है कि अग्निपथ योजना से सशस्त्र बलों का आयु प्रोफाइल युवा होगा और तकनीकी रूप से दक्ष मानव संसाधन बढ़ेगा।
कांग्रेस सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने भर्ती के आंकड़ों को लेकर भी सवाल उठाए और सरकार से अग्निवीरों के लिए उच्च शिक्षा, सरकारी रोजगार, तकनीकी प्रशिक्षण, स्वरोजगार और बैंक ऋण संबंधी सुविधाओं का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की।
पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला और प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
