सीमांत गांवों के बच्चों ने देखी देश की विरासत, राष्ट्रपति से भी मिले
सेना के पहले राष्ट्रीय एकता दौरे में कुमाऊं के 20 छात्र शामिल

पिथौरागढ़, 29 अगस्त। कुमाऊं मंडल के दूरस्थ सीमावर्ती गांवों के बच्चों के लिए भारतीय सेना की ‘सद्भावना’ पहल के तहत आयोजित पहला राष्ट्रीय एकता दौरा संपन्न हो गया। 15 से 28 अगस्त तक चले इस 15 दिवसीय दौरे में सीमांत क्षेत्रों के 20 छात्र और दो शिक्षक शामिल हुए। इस दौरान छात्रों को देश की सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक संस्थाओं, सैन्य परंपराओं और तकनीकी प्रगति को करीब से जानने का अवसर मिला।
दौरे की शुरुआत पिथौरागढ़ से हुई, जहां पंचशूल ब्रिगेड के कमांडर ब्रिगेडियर गौतम पठानिया ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। अधिकांश छात्र पहली बार अपने गांवों और सीमांत क्षेत्र से बाहर निकले थे।
यात्रा के दौरान छात्रों को राष्ट्रपति से मुलाकात का अवसर भी मिला। दिल्ली प्रवास में उन्होंने राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, कर्तव्य पथ, लाल किला, संग्रहालयों और नेहरू तारामंडल का भ्रमण किया। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पहुंचकर छात्रों ने देश के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि दी और भारतीय सशस्त्र बलों के इतिहास तथा बलिदान के बारे में जानकारी हासिल की।
दल 24 अगस्त को देहरादून पहुंचा, जहां छात्रों ने उत्तराखंड के राज्यपाल से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) और वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) का भ्रमण किया। यहां छात्रों को सैन्य प्रशिक्षण, नेतृत्व, अनुशासन, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध करियर के अवसरों के बारे में बताया गया।
इसके बाद छात्र बरेली पहुंचे, जहां 25 अगस्त को उन्होंने उत्तर भारत क्षेत्र मुख्यालय के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल डीजी मिश्रा से मुलाकात कर यात्रा के अनुभव साझा किए। दल ने लखनऊ का भी भ्रमण किया और 27 अगस्त को सूर्य कमांड मुख्यालय में छात्रों का स्वागत किया गया।
दौरा पूरा करने के बाद दल मुनस्यारी के लिए रवाना हुआ। सेना के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों के बच्चों को देश के विभिन्न हिस्सों, महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संस्थानों और सैन्य प्रतिष्ठानों से परिचित कराने के साथ उनमें आत्मविश्वास और राष्ट्रीय एकता की भावना विकसित करना था। सेना की ‘सद्भावना’ पहल के तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में शिक्षा और युवा विकास से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
