निर्माण कार्यों में लापरवाही से जान जोखिम में, छह माह से अधूरे पड़े स्कवर और काजवे

पोखरी, 10 मई (राणा)। लोक निर्माण विभाग की लापरवाही और ठेकेदार की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते क्षेत्र की दो प्रमुख मोटर सड़कों पर स्कवर और काजवे के पुनर्निर्माण कार्य पिछले करीब छह माह से अधूरे पड़े हैं। निर्माण कार्य अधूरा रहने से सड़कें बेहद संकरी, जर्जर और जानलेवा बन चुकी हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर उदासीनता का आरोप लगाते हुए तत्काल निर्माण कार्य पूरा कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, पोखरी-रुद्रप्रयाग मोटर मार्ग पर गुनियाला से लगभग 200 मीटर आगे तथा पोखरी-हापला-गोपेश्वर मोटर मार्ग पर बगथल और नारी गदेरे में लोक निर्माण विभाग द्वारा स्कवर और काजवे के पुनर्निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। लेकिन लंबे समय से कार्य अधूरा पड़े होने के कारण इन स्थानों पर सड़कें अत्यंत खतरनाक स्थिति में पहुंच गई हैं। सड़क का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है और वाहन चालकों को भारी जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है।

बरसात का मौसम नजदीक आने से लोगों की चिंता और बढ़ गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि समय रहते निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ तो बारिश के दौरान हालात और अधिक गंभीर हो सकते हैं। दोनों मोटर मार्ग क्षेत्र की महत्वपूर्ण लाइफलाइन हैं, जिनसे प्रतिदिन यात्री वाहन, स्कूल बसें, मालवाहक वाहन तथा आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहन गुजरते हैं। सड़क संकरी और क्षतिग्रस्त होने के कारण रात और बारिश के समय दुर्घटना का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
नगर पंचायत अध्यक्ष सोहन लाल, पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी प्रसाद, थालाबैड़ वार्ड से जिला पंचायत सदस्य एवं व्यापार मंडल अध्यक्ष बीरेंद्र सिंह राणा, किमोठा के प्रधान बाल ब्रह्मचारी हरिकृष्ण किमोठी, रडुवा की प्रधान मनीषा देवी, काणडई चंद्रशिला के प्रधान भगत भंडारी तथा राज्य आंदोलनकारी संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष कुंवर सिंह खत्री समेत कई जनप्रतिनिधियों ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति जारी कर लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि छह माह बीत जाने के बावजूद निर्माण कार्य पूरा न होना विभागीय लापरवाही और ठेकेदार की उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो क्षेत्रीय जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी। उनका कहना है कि यात्रियों और वाहन चालकों की सुरक्षा सर्वोपरि है तथा विभाग को किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय तत्काल प्रभाव से कार्य पूरा कराना चाहिए।
वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता राजकुमार ने बताया कि संबंधित ठेकेदार को जल्द निर्माण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि कार्य में और लापरवाही बरती गई तो ठेकेदार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
