राम को वनवास भेजने का षड्यंत्र इन्द्र ने ही रचा था

-गोविंद प्रसाद बहुगुणा-
देखिए तब से समय बिलकुल नहीं बदला है , नाटक चालू आहे , वर्तमान शासकों की छवि भी इन्द्र से मिलती जुलती है -देवता का मतलब जो शक्तिशाली है , जिसके हाथ में सत्ता है । इन्द्र ने अपने शासनकाल में कई काण्ड किये -बलात्कार से लेकर ब्रह्म हत्या तक । षड्यंत्र करने में माहिर , उसका समय हमेशा षड्यंत्रों की योजना बनाने में ही बीतता था ।
इन्द्र को किसी भले आदमी द्वारा किये जा रहे किसी भले काम की भनक लगनी चाहिए थी ,वह उसके पीछे पड़ जाता था कि कहीं यह मुझे अलोकप्रिय सिद्ध कर मेरी गद्दी न हथिया ले । उसने वैदिक ऋषियों से अपनी स्तुति का गायन करवाया – *ऊं स्वस्ति न इन्द्रो वृद्धश्रवाः.*…जैसे आजकल के कुछ तथाकथित intellectuals से अपने पक्ष में बयान दिलवाया जाता है
इन्द्र के मंत्रिमंडल में एक महिला थी जिसका नाम सरस्वती था । उसको इन्द्र ने अयोध्या जाकर दशरथ की प्रिय रानी केकई , जो राम की विमाता थी , राम को राजा बनाये जाने के खिलाफ माहौल बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जिसमें वह कामयाब भी हुई । सरस्वती ने कैकेई का ब्रेनवाश कर रातों- रात राम के राज्याभिषेक के पक्ष में बनी हवा ही पलटवा दी। कहानी सबको पता है .फिर
पंचवटी में जब भरत अपने मंत्रीमंडल के साथ राम को मनाने जाते हैं, तो इन्द्र को यह खटका हो जाता है कि कहीं राम मान जायें और वापस अयोध्या आकर राजपाट न संभाल लें , तब उस समय भी इन्द्र ने सरस्वती को यहां भी अपना खेल खेलने के लिए मनाया था लेकर इस बार सरस्वती ने साफ मना कर दियाथा। इन्द्र की इस ओछी हरकत में उसका साथ देने पर सरस्वती को बड़ा अफसोस हुआ , वह इ्न्द्र के इस कृत्य की भर्तस्ना करते हुए कहती है कि यह इन्द्र निम्नकोटि का शासक है जो किसी दूसरे व्यक्ति का उत्कर्ष नहीं देख सकता, इन्द्र और उसके सहयोगियों के बारे में सरस्वती की यह टिप्पणी बड़ी मार्मिक थी कि-
ऊंच निवास नीच करतूति।देखि न सकहिं पराई विभूति।।”
एक अन्य घटना भी काबिले गौर है –
वनवास के समय की एक घटना और है जब इन्द्र के साहबजादे जयन्त ने सीता जी के साथ अश्लील हरकत की थी तो राम ने उसको दण्डित कर उसकी एक आंख फोड़ डाली , इन्द्र को इस घटना को भी भूला न था इसलिए वह नहीं चाहता था कि राम का राज्याभिषेक हो जाय । वह चाहता ही था कि राम रावण से भिड़ जाय, तो ये दोनों महाबली लोग इसी तरह आपस में उलझे रहें तो इन्द्र का एकछत्र रुतबा बना रहे …GPB
