नंदा देवी बड़ी जात यात्रा अपने 19वें पड़ाव फरखेत पहुंची

-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
नंदाधाम कुरूड़, 22 सितम्बर। नंदा देवी बड़ी जात यात्रा अपने 19वें पड़ाव नंदानगर विकासखंड के फरखेत गांव पहुंच गई है, जबकि बधांण की मां नंदा देवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली 23वें पड़ाव थराली विकासखंड के गोठिंड़ा गांव पहुंची। दोनों यात्रा मार्गों पर नंदा भक्तों ने देवी की भव्य अगवानी कर पूजा-अर्चना की और मनौतियां मांगीं।
होमकुंड में बड़ी जात की पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद वापसी कर रही नंदा देवी की डोलियां और छंतोलियां मंगलवार को गुलाड़ी और बादुक होते हुए फरखेत गांव पहुंचीं। पूरे यात्रा मार्ग पर ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने देवी का स्वागत किया।
श्री नंदा देवी बड़ी जात यात्रा समिति के अध्यक्ष कर्नल हरेंद्र सिंह रावत और कुरूड़ मंदिर समिति के अध्यक्ष सुखबीर सिंह रौतेला ने बताया कि बुधवार को यात्रा फरखेत से प्रस्थान कर नारंगी गांव होते हुए नंदा सिद्धपीठ कुरूड़ पहुंचेगी। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हवन-यज्ञ और पूजा-अर्चना के बाद देवी की उत्सव डोली को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। उन्होंने यात्रा के शांतिपूर्वक अंतिम चरण में पहुंचने को मां नंदा भगवती के आशीर्वाद और यात्रियों के धैर्य एवं सहयोग का परिणाम बताया।
इधर, वेदनी में लोकजात यात्रा संपन्न करने के बाद लौट रही बधांण की मां नंदा देवी राजराजेश्वरी की उत्सव डोली वापसी के पांचवें पड़ाव गोठिंड़ा गांव पहुंच गई है। मंगलवार सुबह यात्रा देवाल विकासखंड के बेराधार गांव से रवाना हुई और सिरमथल तथा टुंड्री होते हुए गोठिंड़ा पहुंची। पूरे मार्ग में ग्रामीणों ने देवी की पूजा-अर्चना कर मनौतियां मांगीं।
बुधवार को डोली गोठिंड़ा से कूनी-पार्था होते हुए रात्रि प्रवास के लिए कुराड़ गांव पहुंचेगी। श्री नंदा देवी परगना बधांण राजराजेश्वरी मंदिर समिति देवराड़ा के अध्यक्ष भुवन हटवाल और सचिव बीरेंद्र सिंह गुसाईं ने बताया कि 25 सितम्बर को डोली सिद्धपीठ देवराड़ा-थराली पहुंचेगी। इस अवसर पर एक दिवसीय मेले का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
उसी दिन देर शाम पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठानों के बाद डोली को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान कराया जाएगा। अगले छह माह तक डोली यहीं विराजमान रहेगी और नियमित पूजा-अर्चना होगी। डोलियों के अपने-अपने मंदिरों में विराजमान होने के साथ ही नंदा देवी बड़ी जात और लोकजात यात्रा-2026 का विधिवत समापन हो जाएगा।
