अंतरिक्ष स्टेशन के लिए तीन टन रसद लेकर जाएगा रूसी प्रोग्रेस-96 यान
9 सितंबर को बैकोनूर से प्रक्षेपण, दो दिन बाद अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ेगा
वाशिंगटन, 4 सितम्बर। अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर रह रहे अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भोजन, ईंधन और अन्य जरूरी सामान की नई खेप लेकर रूस का मानवरहित मालवाहक अंतरिक्ष यान प्रोग्रेस-96 आगामी 9 सितंबर को रवाना होगा। करीब तीन टन सामग्री लेकर जाने वाले इस यान के प्रक्षेपण और बाद में अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ने का नासा सीधा प्रसारण करेगा।
नासा की ओर से जोशुआ फिंच और जिमी रसेल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस का प्रोग्रेस-96 पुनःआपूर्ति यान 9 सितंबर को दोपहर 12:15 बजे अमेरिकी पूर्वी समय के अनुसार, जबकि कजाखस्तान के बैकोनूर में रात 9:15 बजे प्रक्षेपित किया जाएगा। इसे कजाखस्तान स्थित ऐतिहासिक बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से सोयुज रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। नासा प्रक्षेपण से 15 मिनट पहले इसका सीधा प्रसारण शुरू करेगा।
प्रक्षेपण के बाद प्रोग्रेस-96 करीब दो दिन तक पृथ्वी की परिक्रमा करते हुए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन का पीछा करेगा और अपनी कक्षा को क्रमशः स्टेशन के अनुरूप बनाएगा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह 11 सितंबर को दोपहर 2:37 बजे अमेरिकी पूर्वी समय पर स्वचालित प्रणाली से अंतरिक्ष स्टेशन के रूसी पोइस्क मॉड्यूल के अंतरिक्ष की ओर स्थित डॉकिंग पोर्ट से जुड़ेगा। नासा इसके आगमन का प्रसारण दोपहर 1:45 बजे से शुरू करेगा।
प्रोग्रेस रूस द्वारा विकसित ऐसा मानवरहित मालवाहक अंतरिक्ष यान है, जिसका इस्तेमाल दशकों से अंतरिक्ष स्टेशनों तक रसद पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। यह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए भोजन और दैनिक जरूरत की सामग्री के साथ ईंधन तथा स्टेशन के संचालन के लिए आवश्यक अन्य सामान भी पहुंचाता है। वापसी के लिए इसे पृथ्वी पर सुरक्षित उतारने की व्यवस्था नहीं होती। मिशन पूरा होने के बाद इसमें स्टेशन का अनुपयोगी सामान और कचरा भर दिया जाता है और इसे पृथ्वी के वायुमंडल में नियंत्रित ढंग से प्रवेश कराया जाता है।
प्रोग्रेस-96 लगभग पांच महीने तक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से जुड़ा रहेगा। इसके बाद इसे स्टेशन से अलग कर दिया जाएगा और यह पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करते हुए प्रशांत महासागर के ऊपर सुरक्षित क्षेत्र में जलकर नष्ट हो जाएगा।
नए मालवाहक यान के पहुंचने से पहले अंतरिक्ष स्टेशन पर मौजूद प्रोग्रेस-94 के लिए जगह खाली की जाएगी। यह यान 7 सितंबर को लगभग 11:18 बजे अमेरिकी पूर्वी समय पर स्टेशन से अलग होगा। इसके बाद इसे भी नियंत्रित तरीके से वायुमंडल में प्रवेश कराकर नष्ट कर दिया जाएगा। नासा प्रोग्रेस-94 के स्टेशन से अलग होने का सीधा प्रसारण नहीं करेगा।
प्रोग्रेस मिशन अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की जीवनरेखा माने जाने वाली नियमित आपूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। पृथ्वी से लगभग 400 किलोमीटर की ऊंचाई पर परिक्रमा कर रहे आईएसएस पर लंबे समय तक अंतरिक्ष यात्रियों की मौजूदगी बनाए रखने के लिए भोजन, पानी, उपकरण, वैज्ञानिक प्रयोगों की सामग्री और ईंधन की लगातार आपूर्ति जरूरी होती है। रूसी प्रोग्रेस के अलावा विभिन्न अमेरिकी वाणिज्यिक मालवाहक यान भी स्टेशन की आपूर्ति व्यवस्था में योगदान करते हैं।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर 25 वर्ष से अधिक समय से लगातार मनुष्य रह और काम कर रहे हैं। पृथ्वी की निचली कक्षा में स्थित यह विशाल प्रयोगशाला सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण में ऐसे वैज्ञानिक प्रयोगों का अवसर देती है, जिन्हें पृथ्वी पर करना संभव नहीं है। यहां मानव शरीर पर लंबे अंतरिक्ष प्रवास के प्रभाव से लेकर जीव विज्ञान, पदार्थ विज्ञान और नई अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियों तक अनेक क्षेत्रों में शोध किए जाते हैं।
नासा के अनुसार आईएसएस पर किए जा रहे प्रयोग भविष्य की लंबी अंतरिक्ष यात्राओं की चुनौतियों को समझने और उनका समाधान खोजने में भी महत्वपूर्ण हैं। इन अनुभवों और तकनीकों का उपयोग आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत चंद्रमा पर दीर्घकालिक मानव मौजूदगी विकसित करने और भविष्य में मंगल ग्रह की मानव यात्रा की तैयारी में किया जाना है।
नासा 9 सितंबर को प्रोग्रेस-96 के प्रक्षेपण और 11 सितंबर को उसके आईएसएस से जुड़ने का सीधा प्रसारण अपने डिजिटल मंचों पर करेगा।
स्रोत : नासा; मूल जानकारी—जोशुआ फिंच / जिमी रसेल
