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ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर धामी का दावा — “22 मिनट में ध्वस्त हुए आतंकी ठिकाने, चार दिन में झुका पाकिस्तान”

देहरादून, 11 मई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि भारतीय सेनाओं ने “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान मात्र 22 मिनट में पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दुनिया को भारत की सैन्य ताकत का संदेश दिया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय वायु सुरक्षा प्रणाली इतनी मजबूत रही कि दुश्मन की एक भी मिसाइल भारतीय जमीन पर नहीं गिर सकी।
दून सैनिक इंस्टीट्यूट, गढ़ी कैंट में सोमवार को “ऑपरेशन सिंदूर-शौर्य, सम्मान और वीरता” की पहली वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सेना के साहस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय सेनाओं के पराक्रम ने चार दिनों के भीतर पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए मजबूर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” केवल एक सैन्य अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश सो रहा था, तब भारतीय सेनाएं आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही थीं। धामी ने कहा कि अब “नया भारत” दुश्मनों की हर नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड और सेना के विशेष संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य के लगभग हर परिवार का कोई न कोई सदस्य सेना से जुड़ा है, इसलिए यहां के लोगों का सैनिकों के साथ भावनात्मक रिश्ता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लगातार सेना को अत्याधुनिक तकनीक और स्वदेशी हथियारों से सशक्त बना रही है।

धामी ने दावा किया कि पिछले 12 वर्षों में भारत के रक्षा निर्यात में 38 गुना वृद्धि हुई है और देश अब 80 से अधिक देशों को रक्षा उपकरण उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित किया है कि भारत के स्वदेशी हथियार किसी भी विदेशी तकनीक से कम नहीं हैं।
मुख्यमंत्री ने सैनिकों और पूर्व सैनिकों के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में पांच गुना तक वृद्धि की गई है। वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों के सम्मान भत्ते बढ़ाए गए हैं और शहीद सैनिकों के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने बताया कि अब शहीद परिवारों को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की समय सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है। इसके अलावा वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों और पूर्व सैनिकों को सरकारी बसों में निःशुल्क यात्रा तथा संपत्ति खरीद पर स्टांप ड्यूटी में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

इस अवसर पर सैनिक कल्याण विभाग के सचिव युगल किशोर पंत, सेवानिवृत्त मेजर जनरल शमी सभरवाल, मेजर जनरल डी. अग्निहोत्री, मेजर जनरल पी.एस. राणा, ब्रिगेडियर जे.एन.एस. बिष्ट, ब्रिगेडियर के.जी. बहल, मेजर जनरल गुलाब सिंह रावत और वाइस एडमिरल अनुराग थपलियाल सहित कई सैन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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