राज्योत्सव पर अमित शाह ने किया 1,508 करोड़ की 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
उत्तराखंड को 2047 तक देश का पहला विकसित राज्य बनाने का संकल्प, वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए 60 से अधिक सीटों का लक्ष्य : 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के लिए 60 से अधिक सीटों का लक्ष्य, कांग्रेस पर साधा निशाना
देहरादून, 6 नवंबर। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है। केंद्र सरकार का संकल्प है कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की यात्रा में उत्तराखंड देश का पहला विकसित राज्य बने। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड राज्य का निर्माण किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसे संवारने का काम कर रहे हैं।
शुक्रवार को देहरादून में आयोजित उत्तराखंड राज्योत्सव समारोह को संबोधित करते हुए शाह ने राज्य के विकास, औद्योगिक निवेश, आधारभूत सुविधाओं, सीमांत क्षेत्रों की सुरक्षा और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में केंद्र एवं राज्य सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। इसके साथ ही उन्होंने अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए भाजपा को लगातार तीसरी बार सत्ता में लाने का आह्वान किया। समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
गृह मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने अलग राज्य के लिए दशकों तक संघर्ष किया। अनेक आंदोलनकारियों ने बलिदान दिया और कठिनाइयां झेलीं। अंततः 9 नवंबर 2000 को अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अलग राज्य की मांग पूरी की। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव केवल उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, पर्यावरण और शौर्य की परंपरा को सुरक्षित रखते हुए विकसित राज्य बनाने का संकल्प लेने का अवसर भी है।

1,508 करोड़ की परियोजनाएं, निवेश और आय बढ़ने का दावा
शाह ने बताया कि राज्योत्सव के अवसर पर 1,508 करोड़ रुपये की लागत वाली 63 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया। समारोह में 15 विभूतियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान, छह बच्चों को राज्य बाल वीरता पुरस्कार और दो व्यक्तियों को आजीवन उपलब्धि सम्मान देने का कार्यक्रम भी रखा गया।
उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2022 से अब तक उत्तराखंड के सकल राज्य घरेलू उत्पाद में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उनके अनुसार वैश्विक निवेशक सम्मेलन में राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय राज्य की भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद इतनी बड़ी मात्रा में निवेश का क्रियान्वयन महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
गृह मंत्री ने कहा कि पहले उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था काफी हद तक बाहर काम करने वाले लोगों द्वारा घर भेजी जाने वाली धनराशि पर निर्भर थी। सरकार ने इस स्थिति को बदलकर राज्य में उद्योग, रोजगार और आय के नए अवसर पैदा करने का प्रयास किया है। उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में 380 प्रतिशत वृद्धि का भी दावा किया। हालांकि, अपने संबोधन में उन्होंने इस वृद्धि की गणना का आधार और समयावधि स्पष्ट नहीं की।

समान नागरिक संहिता और नकल विरोधी कानून को बताया उपलब्धि
शाह ने उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता लागू किए जाने को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने इस दिशा में देश का नेतृत्व किया है और अब 15 अन्य राज्य भी समान नागरिक संहिता बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि भाजपा शासित सभी राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य है।
उन्होंने राज्य के नकल विरोधी कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून की भी चर्चा की। शाह के अनुसार सख्त नकल विरोधी कानून के कारण भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में मदद मिली है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में बिना किसी सिफारिश के 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
रेल, सड़क और सीमांत गांवों के विकास पर जोर
गृह मंत्री ने दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारे, चारधाम सड़क परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन, प्रस्तावित टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन तथा केदारनाथ और हेमकुंड साहिब रोपवे परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने सोंग, जमरानी और किशाऊ बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं को पेयजल, सिंचाई और ऊर्जा संबंधी जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने सीमावर्ती गांवों को देश का अंतिम गांव मानने के बजाय पहला गांव मानने की सोच विकसित की है। जीवंत ग्राम कार्यक्रम के अंतर्गत उत्तराखंड के 51 सीमांत गांवों में 270 करोड़ रुपये से विकास कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन प्रयासों से सीमांत क्षेत्रों में युवाओं की वापसी शुरू हुई है।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने सीमाओं तक सड़कें पहुंचाने के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत किया है।
महिलाओं, स्थानीय उत्पादों और आंदोलनकारियों के लिए योजनाएं
गृह मंत्री ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में तीन लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। होम स्टे योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज और मोटा अनाज अभियान के माध्यम से स्थानीय उत्पादों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत आरक्षण तथा शहीद परिवारों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये किए जाने को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया। इसके अतिरिक्त किच्छा में एम्स के उपकेंद्र और औद्योगिक स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाओं का उल्लेख किया।
कांग्रेस पर तीखे हमले, मतदाता सूची के पुनरीक्षण का समर्थन
अपने संबोधन के राजनीतिक हिस्से में शाह ने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार, तुष्टीकरण और उत्तराखंड के विकास की उपेक्षा करने के आरोप लगाए। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों के कार्यकाल से जुड़े कथित घोटालों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार मुक्त शासन देने का प्रयास किया है।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्ष के विरोध पर भी उन्होंने सवाल उठाए। कांग्रेस नेता की वोट बचाओ यात्रा को उन्होंने ‘घुसपैठिया बचाओ यात्रा’ करार दिया। शाह ने कहा कि मतदाता सूची में अवैध रूप से शामिल लोगों की पहचान कर उन्हें बाहर किया जाना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर राम मंदिर निर्माण का विरोध करने और जनसांख्यिकीय बदलाव को बढ़ावा देने के भी आरोप लगाए। ये आरोप उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा थे।
2027 में भाजपा के लिए 60 से अधिक सीटों का लक्ष्य
शाह ने अगले विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को अभी से जुटने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव में लगभग 46 प्रतिशत मतों के साथ 57 सीटें और 2022 में लगभग 44 प्रतिशत मतों के साथ 47 सीटें जीती थीं। अब पार्टी का लक्ष्य 2027 में 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त कर 60 से ज्यादा सीटों पर विजय हासिल करना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तराखंड को सुरक्षित, समृद्ध और देश की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए जनता से लगातार तीसरी बार जनादेश देने की अपील की।
राज्योत्सव के मंच से शाह ने जहां उत्तराखंड के आर्थिक और आधारभूत विकास की उपलब्धियां प्रस्तुत कीं, वहीं 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का राजनीतिक लक्ष्य भी स्पष्ट कर दिया। उनके संबोधन में विकसित उत्तराखंड का संकल्प, सीमांत सुरक्षा, समान नागरिक संहिता और औद्योगिक निवेश प्रमुख मुद्दों के रूप में उभरे।


