दशोली के गांवों में किसानों को दी गई प्राकृतिक खेती और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी
कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम ने चलाया खेत बचाओ अभियान, किसानों को वितरित किए रबी की फसलों के बीज

— हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट —
थराली, 6 नवंबर। गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम की ओर से दशोली विकासखंड के विभिन्न गांवों में खेत बचाओ अभियान चलाकर किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा संरक्षण, उन्नत कृषि तकनीकों और कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। इस दौरान किसानों को रबी की फसलों के बीज भी वितरित किए गए।
अभियान के तहत दशोली विकासखंड के ग्वाड़, देवलधार, बैरागना, सिरोली, मंडल, खल्ला, कोटेश्वर, बणद्वारा, रौलीग्वाड़, कुंजों मैकोट, बैमरू और मैठाणा सहित विभिन्न गांवों में महिला एवं पुरुष किसानों को प्राकृतिक खेती, मृदा स्वास्थ्य, मृदा उपचार, मिट्टी की जांच तथा संरक्षित वातावरण में सब्जियों की खेती के बारे में जागरूक किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के साथ कृषि एवं उद्यान विभाग के प्रसार कार्यकर्ताओं ने किसानों और पंचायत प्रतिनिधियों को कृषि विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र ग्वालदम के वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व और इसके व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी। उन्होंने जीवामृत, बीजामृत, दशपर्णी अर्क और घनजीवामृत तैयार करने की वैज्ञानिक विधियां समझाईं। साथ ही फसलों को कीटों और बीमारियों से बचाने के लिए प्राकृतिक एवं जैविक उपाय अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों पर निर्भरता कम करने के साथ मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
इस दौरान किसानों को मधुमक्खी पालन और व्यावसायिक सब्जी उत्पादन से अतिरिक्त आय अर्जित करने की संभावनाओं के बारे में भी बताया गया। वैज्ञानिकों ने पॉलीहाउस में सब्जियों और फूलों की खेती, तापमान एवं आर्द्रता नियंत्रण तथा संरक्षित खेती के दौरान उत्पन्न होने वाली समस्याओं और उनके समाधान की तकनीकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की जलवायु के अनुरूप आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर किसान अपनी पैदावार और आमदनी बढ़ा सकते हैं।
कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि खेती से संबंधित समस्याओं के समाधान और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए केंद्र हमेशा उपलब्ध है। किसान आवश्यकता पड़ने पर केंद्र से संपर्क कर विशेषज्ञों की सलाह प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के दशोली विकासखंड प्रभारी मुकेश कुमार, सहायक कृषि अधिकारी मनोज राणा एवं मांगेराम, बीटीएम अजेंद्र पाल, उद्यान विभाग के गिरीश, विनोद एवं दिग्पाल सिंह तथा फसल बीमा से जुड़ी रश्मि बिष्ट सहित विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने किसानों को उपयोगी जानकारियां दीं।
इस अवसर पर किसानों ने कृषि, उद्यान, मधुमक्खी पालन और पशुपालन से संबंधित अनेक प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने समाधान किया। कार्यक्रम के अंत में किसानों को रबी की फसलों के बीज वितरित किए गए।

