क्राइमस्वास्थ्य

ऑपरेशन वज्र 2.0 : 66.80 लाख नशीली दवाओं की गोलियां जब्त, एक गिरफ्तार

 

चंडीगढ़-बद्दी मार्ग पर पकड़ा गया ट्रक, दवाओं से बैच नंबर और निर्माण-समाप्ति तिथि तक मिटाई गई


नई दिल्ली, 30 अगस्त। केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने दवाओं की अवैध आपूर्ति के एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए करीब 66.80 लाख मनोदैहिक गोलियां जब्त की हैं। पंजाब-हिमाचल प्रदेश के बीच सक्रिय बताए जा रहे इस नेटवर्क के खिलाफ ‘ऑपरेशन वज्र 2.0’ के तहत की गई कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने के साथ दवाएं ले जा रहा ट्रक भी जब्त किया गया है।
सीबीएन के अनुसार, उसकी नीमच इकाई को पंजाब-हिमाचल प्रदेश गलियारे से नियंत्रित दवाओं की बड़ी खेप ले जाए जाने की खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद मध्य प्रदेश इकाई की विशेष टीम ने 27 और 28 अगस्त को चंडीगढ़-बद्दी अंतरराज्यीय मार्ग पर निगरानी शुरू की।
रातभर निगरानी के बाद टीम ने उत्तर प्रदेश में पंजीकृत एक संदिग्ध एसएमएल इसुजु सरताज ट्रक को रोका। सुरक्षित स्थान पर ले जाकर ट्रक और उसमें रखे सामान की जांच की गई तो 120 बड़े कार्टन में अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल, नाइट्राजेपम और क्लोनाजेपम की कुल 66,79,980 गोलियां मिलीं। इन दवाओं के परिवहन से संबंधित जरूरी वैधानिक दस्तावेज नहीं पाए गए।
जांच में कई ऐसी बातें सामने आईं, जिनसे अधिकारियों को खेप की आपूर्ति श्रृंखला छिपाने की सुनियोजित कोशिश का संदेह हुआ। बड़ी संख्या में दवाओं की ब्लिस्टर स्ट्रिप और डिब्बों से बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि मिटा दी गई थी। कुछ दवाओं पर ‘पंजाब-हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए नहीं’ अंकित था, लेकिन उन्हें इसी क्षेत्र में ले जाया जा रहा था। इनके साथ चालान, बिल्टी या ई-वे बिल जैसे आवश्यक दस्तावेज भी नहीं मिले।
इतनी बड़ी खेप की गिनती, सूची तैयार करने, जांच और सील करने की कार्रवाई लगातार 14 घंटे से अधिक चली। इसके बाद सभी 66,79,980 गोलियों और उन्हें ले जाने में इस्तेमाल ट्रक को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया। एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।
सीबीएन अब यह पता लगाने में जुटा है कि ये दवाएं कहां से बनाई या खरीदी गई थीं और इन्हें आखिर कहां पहुंचाया जाना था। जांच का दायरा निर्माण और आपूर्ति से जुड़े ऊपरी स्तर के नेटवर्क से लेकर स्थानीय वितरण श्रृंखला तक बढ़ाया गया है। इसमें शामिल अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सीबीएन के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक अवैध मादक पदार्थों से जुड़े 197 मामले दर्ज कर 272 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान कृत्रिम मादक पदार्थ बनाने वाली छह गुप्त प्रयोगशालाओं का भी भंडाफोड़ किया गया। ब्यूरो ने इस वर्ष करीब 51 हजार किलोग्राम विभिन्न मादक पदार्थों के अलावा लगभग 12.72 करोड़ मनोदैहिक दवाओं की गोलियां और कैप्सूल जब्त करने का दावा किया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!