ग्रामीण विकास में पंचायतों की भूमिका महत्वपूर्ण : तेजपाल रावत
सेवा सेतु सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया संवाद, टीबी उन्मूलन का लिया संकल्प
थराली/देवाल, 8 अक्टूबर (हरेंद्र बिष्ट)। देवाल विकासखंड के सभागार में आयोजित त्रिस्तरीय पंचायत जनप्रतिनिधि संवाद एवं सेवा सेतु सम्मेलन में ग्रामीण विकास के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया गया। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन के लिए मिलकर कार्य करने की शपथ भी ली।
सम्मेलन का उद्घाटन मुख्य अतिथि देवाल के ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत ने किया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे छोटी इकाई होने के बावजूद ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विकसित भारत की परिकल्पना गांवों के समग्र विकास से ही साकार हो सकती है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से ग्रामीणों के साथ निरंतर संवाद बनाए रखने, उनकी समस्याओं को प्राथमिकता देने तथा विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
विशिष्ट अतिथि एवं देवाल के पूर्व प्रधान नरेंद्र बिष्ट ने कहा कि सरकार ने पंचायतों को अनेक अधिकार प्रदान किए हैं। जनप्रतिनिधियों को इन अधिकारों का प्रभावी उपयोग करते हुए जनसमस्याओं के समाधान और ग्रामीण विकास को गति देने के लिए प्रयास करने चाहिए।
सम्मेलन में पंचायत प्रतिनिधियों को विभिन्न विभागों के सहयोग से संचालित होने वाली विकास योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, पशुपालन, समाज कल्याण तथा अन्य विकास कार्यों में आपसी समन्वय बढ़ाने पर बल दिया गया।

