आसमानी आफत -नदी में फंसे सात लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू, सम्पूर्ण उत्तराखंड में हाई अलर्ट, स्कूल बंद
देहरादून, 20 जुलाई। देहरादून के संतला देवी मंदिर के निकट नदी किनारे टापू में फंसे सात लोगों का रविवार शाम एसडीआरएफ और पुलिस ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। सभी लोगों को सकुशल बाहर निकाल लिया गया है। इस घटना के बीच प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के रेड व ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) पहुंचकर प्रदेशभर में वर्षा से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की। बैठक में मौसम पूर्वानुमान, संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति, सड़क संपर्क, नदियों के जलस्तर, राहत एवं बचाव संसाधनों तथा विभिन्न विभागों की तैयारियों का विस्तृत आकलन किया गया।
Rescue operation in Santa ka devi area. 7 persons were rescued.
सचिव ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 20 जुलाई के लिए देहरादून, टिहरी गढ़वाल और हरिद्वार में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, पौड़ी और ऊधम सिंह नगर के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। रेड अलर्ट वाले क्षेत्रों में अत्यधिक से बहुत भारी वर्षा, भूस्खलन, जलभराव, अचानक बाढ़ तथा नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि की आशंका जताई गई है।

विनोद कुमार सुमन ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि मौसम विभाग की प्रत्येक चेतावनी पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जिला एवं तहसील स्तर के आपदा नियंत्रण कक्ष पूरी तरह सक्रिय रहें और किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दल बिना विलंब घटनास्थल पर पहुंचें।
उन्होंने नदियों, बरसाती नालों, गाड़-गदेरों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए। जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं और सड़क निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया। खराब मौसम की स्थिति में आवश्यकतानुसार निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकने के भी निर्देश दिए गए।
Flooded Hispana river.
लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई, बीआरओ और अन्य कार्यदायी संस्थाओं को सभी प्रमुख संपर्क मार्गों को सुचारु बनाए रखने, संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी, पोकलेन, डंपर, आवश्यक उपकरण और प्रशिक्षित मानवबल की अग्रिम तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जल संस्थान, ऊर्जा, स्वास्थ्य, पुलिस, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग को पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करते हुए पेयजल, बिजली, संचार एवं अन्य आवश्यक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
समीक्षा बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, डॉ. शांतनु सरकार, डॉ. मोहित पूनिया तथा सभी जनपदों के आपदा नियंत्रण कक्षों के अधिकारी और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
सचिव आपदा प्रबंधन ने प्रदेशवासियों से अपील की कि मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें, खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें तथा नदी-नालों, गाड़-गदेरों, भूस्खलन संभावित और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल स्थानीय प्रशासन या जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें और केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
