आपदा प्रबंधन की बारीकियों से रूबरू हुए अग्निशमन विभाग के 21 प्रशिक्षु
देहरादून, 14 सितम्बर। उत्तराखंड अग्निशमन विभाग के 21 प्रशिक्षु सेकेंड ऑफिसरों ने सोमवार को उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (यूएसडीएमए) स्थित राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र का भ्रमण कर प्रदेश की आपदा प्रबंधन व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कार्यप्रणाली की जानकारी ली। ये प्रशिक्षु ओडिशा में छह माह का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वर्तमान में एक माह का व्यावहारिक प्रशिक्षण ले रहे हैं।
यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र ने कहा कि उत्तराखंड जैसे आपदा की दृष्टि से संवेदनशील राज्य में अग्निशमन विभाग की भूमिका केवल आग की घटनाओं से निपटने तक सीमित नहीं है। भूकंप, भूस्खलन, सड़क एवं भवन दुर्घटनाओं सहित अन्य आपात स्थितियों में अग्निशमन कर्मी महत्वपूर्ण प्रथम प्रतिक्रिया बल के रूप में कार्य करते हैं। प्रभावित लोगों तक तत्काल पहुंचने, खोज एवं बचाव अभियान चलाने और उन्हें सुरक्षित निकालने में उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है।
उन्होंने प्रशिक्षुओं से आधुनिक बचाव तकनीकों, आपदा प्रतिक्रिया और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की कार्यप्रणाली को व्यावहारिक प्रशिक्षण के दौरान गंभीरता से समझने को कहा।
अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी ने प्रशिक्षुओं को यूएसडीएमए की भूमिका और कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्राधिकरण आपदा जोखिम न्यूनीकरण, पूर्व तैयारी, क्षमता विकास, प्रशिक्षण और जन-जागरूकता के साथ आपदा के दौरान विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करता है।
प्रशिक्षुओं को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में आपदा की सूचना मिलने से लेकर संबंधित जिलों और विभागों तक उसे पहुंचाने, प्रतिक्रिया एजेंसियों को सक्रिय करने तथा राहत एवं बचाव कार्यों के समन्वय की प्रक्रिया भी समझाई गई।
इस अवसर पर संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा और अग्निशमन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर एस.के. राणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

