खेल/मनोरंजन

मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 का समापन, देहरादून जिला बना विजेता

देहरादून, 4 फरबरी । मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को ननूरखेड़ा, देहरादून में आयोजित मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी 2025-26 के समापन समारोह में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देहरादून जिला को विजेता ट्रॉफी प्रदान की और 5 लाख रुपये का चेक सौंपा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भव्य समापन केवल एक खेल प्रतियोगिता का अंत नहीं, बल्कि उत्तराखंड के उज्ज्वल खेल भविष्य की नई शुरुआत है। आज खेल आयोजन गाँव-गाँव, न्याय पंचायतों और दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को पहचान देने का सशक्त माध्यम बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में खेल प्रतियोगिताएँ अब जनचेतना का महत्वपूर्ण माध्यम बन गई हैं और राज्य देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इस आयोजन के तहत 11 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे खिलाड़ियों के खातों में भेजी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज खेल जगत में नई ऊँचाइयों को छू रहा है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों से देश में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा मिली है और फिटनेस एक जन आंदोलन का रूप ले चुकी है। युवा पीढ़ी खेलों के प्रति नए उत्साह और समर्पण के साथ आगे बढ़ रही है। ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन ने देश का गौरव बढ़ाया है। खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और सम्मान मिला है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उत्तराखंड को देवभूमि के साथ खेलभूमि के रूप में स्थापित करने की दिशा में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल आयोजन एक सशक्त उदाहरण है। इन खेलों में प्रदेश के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर सातवाँ स्थान प्राप्त किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक और विश्वस्तरीय खेल इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण उत्तराखंड अब देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो रहा है। स्टेडियम, प्रशिक्षण केंद्र और सुविधाएँ राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो चुकी हैं। स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान के तहत प्रदेश के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियाँ स्थापित की जाएँगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। हल्द्वानी में प्रदेश की पहली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जा रहा है, जहाँ आधुनिक कोचिंग, खेल विज्ञान और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना के माध्यम से युवा खिलाड़ियों को मासिक छात्रवृत्ति के साथ खेल उपकरणों के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रशिक्षकों के मानदेय और प्रोत्साहन राशि में भी वृद्धि की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को “उत्तराखंड खेल रत्न”, “द्रोणाचार्य पुरस्कार” और “हिमालय खेल रत्न” जैसे सम्मानों से सम्मानित किया जा रहा है। साथ ही, इस वर्ष से खेल महाकुंभ और अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में आवेदन करने पर 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

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