सीडीएस ने किया माणा में सांस्कृतिक एवं विरासत संग्रहालय का शिलान्यास

–प्रकाश कपरुवाण की रिपोर्ट-
ज्योतिर्मठ, 17 अप्रैल। चीफ ऑफ डिफेन्स स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने बृहस्पतिवार को माणा में प्रस्तावित सांस्कृतिक एवं विरासत संग्रहालय के निर्माण हेतु शिलान्यास किया।
माणा गांव, जिसे “भारत का पहला गांव” कहा जाता है, अपनी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामरिक महत्ता के लिए प्रसिद्ध है। गढ़वाल हिमालय की गोद में स्थित यह क्षेत्र प्राचीन सभ्यता, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक मान्यताओं का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सांस्कृतिक संग्रहालय की स्थापना भविष्य की पीढ़ियों के लिए इस समृद्ध विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
प्रस्तावित संग्रहालय को एक आधुनिक एवं जीवंत केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां गढ़वाल की सांस्कृतिक विविधता, धार्मिक परंपराएं तथा ऐतिहासिक विकास को आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही यह संग्रहालय गढ़वाल क्षेत्र के लोगों द्वारा भारतीय सशस्त्र बलों में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान को भी दर्शाएगा। गढ़वाल की गौरवशाली सैन्य परंपरा देश सेवा, साहस और बलिदान की मिसाल रही है, जिसे इस संग्रहालय के माध्यम से सहेजने का प्रयास किया जाएगा।
संग्रहालय में विभिन्न दीर्घाएं, इंटरएक्टिव प्रदर्शनी तथा शैक्षणिक सामग्री शामिल की जाएगी, जो आगंतुकों को क्षेत्र की समृद्ध विरासत से परिचित कराएगी। यह संग्रहालय बद्रीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और विद्यार्थियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनने की संभावना है, जिससे उनके यात्रा अनुभव को और अधिक समृद्ध बनाया जा सकेगा।
इसके अतिरिक्त, यह परियोजना स्थानीय विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी। इससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, स्थानीय कला एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा मिलेगा तथा पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। साथ ही, यह संग्रहालय युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करेगा, जिससे वे देश सेवा और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक एवं प्रेरित हो सकें।
इस अवसर पर माणा गांव के पूर्व प्रधान पीताम्बर मोलपा सहित अनेक अधिकारी एवं स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
