मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने और पर्यटन को बढ़ावा देने की ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश

देहरादून, 24 जुलाई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने और वन्यजीव आधारित पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों और वन्यजीव गलियारों का संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
शुक्रवार को सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित उत्तराखंड राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ जनसहभागिता को भी मजबूत बनाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि वन्यजीवों के हमलों में मृतक और घायलों के परिजनों को निर्धारित समय सीमा में मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की व्यवस्था भी की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्थानीय लोगों की आजीविका के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण संबंधी शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में बताया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (क्यूआरटी), कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट, सोलर लाइट तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के साथ वन कर्मियों को आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
संरक्षित क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में गैस पाइपलाइन तथा अन्य राष्ट्रीय उद्यानों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित की परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजने की अनुमति दी गई।
राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने बाघ संरक्षण, वन्यजीव कॉरिडोरों की सुरक्षा, एआई आधारित निगरानी प्रणाली, प्राकृतिक जल स्रोतों एवं चारागाहों के विकास तथा वनाग्नि प्रबंधन को और मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में क्यूआरटी की तैनाती सुनिश्चित करने को भी कहा। बैठक में कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने और वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच संबंधी विषयों पर भी चर्चा हुई।
