भोले महाराज के जन्मोत्सव पर तीन दिवसीय विशाल जनकल्याण समारोह शुरू

नई दिल्ली, 26 जुलाई। प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु एवं द हंस फाउंडेशन के प्रेरणास्रोत भोले महाराज के पावन जन्मोत्सव के अवसर पर हंसलोक आश्रम, छतरपुर में तीन दिवसीय विशाल जनकल्याण समारोह का विधि-विधान के साथ शुभारंभ हुआ। हंस ज्योति, हंस कल्चरल सेंटर (दिल्ली) की इकाई द्वारा आयोजित इस समारोह में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों तथा कई अन्य देशों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
समारोह को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक विभूति मंगला ने कहा कि भारत भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण, भगवान बुद्ध, महावीर स्वामी, गुरु नानक देव, स्वामी विवेकानंद, श्री हंस जी महाराज तथा छत्रपति शिवाजी जैसे संत-महापुरुषों की पावन भूमि है। उन्होंने कहा कि इन सभी महापुरुषों ने आत्मज्ञान प्राप्त कर भजन-सुमिरण किया और समाज को अध्यात्म का मार्ग दिखाकर लोगों की आत्मिक चेतना जागृत की।
उन्होंने कहा कि आज समाज संत-महापुरुषों द्वारा बताए गए आध्यात्मिक मार्ग से दूर होता जा रहा है, जिसके कारण हिंसा, अशांति, अराजकता और नैतिक पतन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। विशेष रूप से युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति चिंता का विषय है। मंगला ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे स्वयं अध्यात्म ज्ञान प्राप्त कर भजन-सुमिरण करें तथा अपने बच्चों को भी आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़कर संस्कारवान और चरित्रवान बनाएं। उन्होंने कहा कि अध्यात्म ज्ञान के व्यापक प्रचार-प्रसार से ही समाज में सकारात्मक और रचनात्मक परिवर्तन संभव है।
इस अवसर पर भोले महाराज ने मानव जीवन को अत्यंत दुर्लभ और अनमोल बताते हुए कहा कि यह शरीर भगवान की भक्ति, सेवा और सत्कर्मों के लिए मिला है, इसलिए इसे व्यर्थ के कार्यों में न गंवाएं। उन्होंने “सुनो-सुनो वचन नर-नारी, हरि भजन करो सुखकारी” तथा “मानुष जनम अनमोल रे” सहित अनेक भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भक्ति और अध्यात्म के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
जनकल्याण समारोह में देश के विभिन्न तीर्थस्थलों से आए संत-महात्माओं ने भी अपने सत्संग और प्रवचनों से श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया। वहीं, भजन गायकों की भक्तिमय प्रस्तुतियों ने पूरे आश्रम परिसर को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया।
